राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। भिवानी जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने भिवानी जिला प्रशासन के जल निकासी और आपदा प्रबंधन के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। प्रशासन की लापरवाही और ढुलमुल रवैये के कारण जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं सबसे ज्यादा मार गांव बड़ेसरा के किसानों और ग्रामीणों पर पड़ी है। यहां किसानों के खेत बरसाती पानी से लबालब हो चुके है।
प्रशासनिक स्तर पर पहले से पुख्ता इंतजाम न होने के कारण खेतों में बाढ़ जैसी विकट स्थिति पैदा हो गई है, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इस पूरी अव्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए हरियाणा कांग्रेस सेवा दल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कादियान ने जिला प्रशासन की कार्यशैली को कुंभकरणीय नींद करार दिया। उन्होंने कहा कि बड़ेसरा में जल निकासी के लिए मोटरें तो लगाई गई हैं, लेकिन प्रशासन की घोर लापरवाही का आलम यह है कि उनका बिजली कनेक्शन तक नहीं कराया गया।
उन्होंने कहा कि पानी निकासी के लिए मोटरें उपलब्ध होने के बावजूद बिजली कनेक्शन न होना प्रशासन की नीयत और तैयारी को दर्शाता है। यदि समय रहते कनेक्शन कर लिया जाता, तो आज बड़ेसरा के किसानों के हालात इतने बदतर न होते। प्रशासन के सभी दावे पूरी तरह से ढर्रा और हवाई साबित हुए हैं। बारिश के पानी की समय पर निकासी न होने के कारण बड़ेसरा के खेतों में कई-कई फीट पानी भर गया है। इससे किसानों की मेहनत से तैयार फसलें डूबकर जलमग्न हो चुकी हैं। पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब भारी आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द जल निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो फसलें पूरी तरह से सड़ जाएंगी। अशोक कादियान ने मांग की है कि जिला प्रशासन तुरंत अपनी नींद से जागे और बड़ेसरा में अस्थायी या जनरेटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति कर जल निकासी की मोटरों को तुरंत चालू करवाए। साथ ही, उन्होंने सरकार से मांग की है कि बारिश और जलभराव से प्रभावित हुए किसानों के नुकसान का जल्द से जल्द विशेष गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा दिया जाए।
