राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। भिवानी के सिविल अस्पताल और पंडित नेकीराम मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सामाजिक संस्था द्वारा बैरियर भेंट किए गए। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर सिंह शांडिल्य ने जहां संस्था का आभार जताया, वहीं अस्पताल में शुरू की गई नई स्वास्थ्य सुविधाओं और भविष्य की तैयारियों की भी जानकारी दी।
सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर सिंह शांडिल्य ने बताया कि सामाजिक संस्था ने अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बिना किसी मांग के बैरियर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में काफी मदद मिलेगी और इसके लिए संस्था का तहे दिल से धन्यवाद है। डॉ. शांडिल्य ने बताया कि जिला अस्पताल और पंडित नेकीराम मेडिकल कॉलेज को एक यूनिट के रूप में संचालित किया जा रहा है। फिलहाल दूसरे तल पर 60 बेड की सेवाएं शुरू कर दी गई हैं, जिनमें ईएनटी के 12, नेत्र रोग विभाग के 18, सर्जरी के 15 और ऑर्थोपेडिक्स के 15 बेड शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही दूसरे और तीसरे फ्लोर पर सेवाएं शुरू कर अस्पताल की क्षमता 300 बेड तक बढ़ाई जाएगी।उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर की प्राथमिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आवश्यकता के अनुसार मेडिकल उपकरण एवं कंज्यूमेबल्स उपलब्ध करवाने के लिए एसओपी भी लागू कर दी गई है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के स्टाफ के लिए कॉमन रोस्टर तैयार करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं, ताकि दोनों संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से संचालित हो सकें।
सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि अस्पताल में एक्स-रे सेवा पूरी तरह शुरू हो चुकी है और एक दिन में 125 एक्स-रे किए गए हैं। वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए 9 मशीनें स्थापित कर दी गई हैं, जिनकी ट्रेनिंग जारी है और सेवा भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर में सफलतापूर्वक दो ऑपरेशन किए जा चुके हैं तथा आने वाले दिनों में ऑपरेशनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।डॉ. रघुवीर सिंह शांडिल्य ने कर्मचारियों और अधिकारियों को अनुशासन का संदेश देते हुए कहा कि समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने वालों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं। पहले उन्हें चेतावनी पत्र दिया जाएगा और सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो कर्मचारी ईमानदारी से काम करेगा उसे प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि व्यवस्था में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
