राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। जिला न्यायालय परिसर के प्रांगण में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, न्यायालय कर्मचारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिवानी द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से किया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के आत्मगौरव, देशभक्ति और शहीदों के त्याग को स्मरण करने का अवसर है। हमारा तिरंगा त्याग, साहस, शांति और प्रगति का प्रतीक है। तिरंगे को देखकर प्रत्येक भारतीय के भीतर देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना जागृत होती है। उन्होंने नागरिकों से अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहते हुए समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य आमजन को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध करवाना है।सीजेएम-सह-सचिव पवन कुमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “सम्मान से जीवन, अधिकार से रक्षा” शीर्षक के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सप्ताह का विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

भीम स्टेडियम एवं जिला न्यायालय परिसर में जागरूकता डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां आमजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और न्याय तक पहुंच के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।उन्होंने बताया कि आगामी 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करवाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नागरिकों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।


पवन कुमार ने बताया कि एक अगस्त से 31 दिसंबर तक मध्यस्थता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से विभिन्न विवादों को आपसी समझौते और सहमति के आधार पर सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से पक्षकार समय और संसाधनों की बचत करते हुए सौहार्दपूर्ण तरीके से विवाद का समाधान कर सकते हैं। समारोह में न्यायिक अधिकारियों, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, न्यायालय स्टाफ, स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों तथा अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
