भिवानी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम)-कम-सचिव पवन कुमार ने जिले के बाल सेवा आश्रम व सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रियाओं, परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं का गहन निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाल सेवा आश्रम के निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने बच्चों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आश्रम में रह रहे बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।इसके उपरांत सखी वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध चिकित्सकीय सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अस्थायी आवास एवं पुनर्वास सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील और गोपनीय सहायता प्रदान की जाए तथा उनकी गरिमा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाए।सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि बाल सेवा आश्रम और सखी वन स्टॉप सेंटर समाज के कमजोर वर्गों के संरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इन केंद्रों की व्यवस्थाओं को मजबूत और प्रभावी बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
