किशोरी अवस्था में पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही स्वस्थ भविष्य की है नींव : सुपरवाईजर सुजाता

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

8वां पोषण पखवाड़ा के तहत एमसी कॉलोनी स्कूल में छात्राओं को बताया सही पोषण और स्वच्छता का महत्व

भिवानी। आठवें पोषण पखवाड़ा के तहत सोमवार को स्थानीय एमसी कॉलोनी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भिवानी के उपायुक्त साहिल गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) वैशाली और डब्ल्यूसीडीपीओ किरण के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ सत्र के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सुजाता और प्रगति ने छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया की रोकथाम और संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता हेडमास्टर सरोज रानी और मनोज शर्मा ने की।

सत्र को संबोधित करते हुए सुपरवाइजर सुजाता और प्रगति ने कहा कि बताया कि पोषण पखवाड़ा 9 अप्रैल से शुरू किया गया था, जो कि 23 अप्रैल तक चलेगा। किशोरी अवस्था में पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही स्वस्थ भविष्य की नींव है। आज के समय में केवल पेट भरना काफी नहीं है, बल्कि सही पोषण लेना अनिवार्य है। छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि संक्रमण से बचा जा सके। साथ ही, शरीर में खून की कमी (एनीमिया) को रोकने के लिए आयरन और कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करना चाहिए।


उन्होंने संतुलित आहार पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान संतुलित आहार, प्रोटीन के लिए चना, गुड़, दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी सब्जियों व ताजा व मौसमी फलों पर आहार करना चाहिए। इसके साथ ही छात्राओं को अपने दैनिक आहार में प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। राजमा-चावल, दाल-चावल, छोले-चावल और कढ़ी-चावल के साथ-साथ सोया चूरा और प्रोटीन मिल्क बार जैसी चीजें ऊर्जा और वृद्धि के लिए बेहतरीन स्रोत हैं।


कार्यक्रम में मौजूद एएनएम सविता ने स्वास्थ्य सुरक्षा पर चर्चा करते हुए एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को बताया कि यह वैक्सीन भविष्य में होने वाले बच्चेदानी के मुंह के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से रक्षा करती है। उन्होंने किशोरियों को समय पर टीकाकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि छात्राएं पीएचसी से नि:शुल्क अपना चैकअप करवा सकती है, जहां से दवाईयां भी नि:शुल्क दी जाती है।

हेडमास्टर सरोज रानी और मनोज शर्मा ने विभाग के पोषण पखववाड़ा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सत्रों से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग होती हैं। ऐसे में इस प्रकार के आयोजन विद्यालय स्तर पर बहुत जरूरी है।

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