राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर उस समय श्रद्धा का समुद्र बना, जब स्वाभिमान पर्व और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत हरियाणा से पहुंचे 1100 से अधिक श्रद्धालुओं ने हाथों में दीपक लेकर भगवान सोमनाथ की आरती की। भगवान सोमनाथ मंदिर दर्शन यात्रा न केवल हरियाणा से पहुंचे अंत्योदय परिवारों के लिए यादगार बनी है बल्कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के लिए भी अविस्मरणीय रही।

आरती में शामिल हरियाणा से पहुंचे सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अधिकारियों ने सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रधान अनिल मिस्त्री को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के सदस्य भाव विभोर हुए। मंदिर ट्रस्ट ट्रस्ट के लोगों ने स्मृति चिन्ह भेंट किए जाने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत हरियाणा प्रदेश से 1100 से अधिक अंत्योदय परिवारों के सदस्य गुजरात के सोमनाथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे, जिनको मुख्यमंत्री सैनी ने 8 जून को कुरुक्षेत्र से स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था, यह ट्रेन 09 जून को रात करीब 9 बजे वेरावल पहुंची।
यहां रेलवे स्टेशन पर गुजरात सरकार की तरफ से सभी श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई थी, जहां पर पहले से ही तैयार बसों में सवार होकर यात्री रात्रि विश्राम के लिए अपने-अपने स्थान पर पहुंचे। दस जून को हरियाणा के श्रद्धालुओं ने शाम को भगवान सोमनाथ मंदिर के दर्शन कर आस्था के समुद्र में डुबकी लगाई। बम बम भोले और भोले नाथ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दर्शन और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अपने परिवार, समाज और प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि के लिए के लिए मंगल कामनाएं की। मंदिर में महाआरती यादगार बनी, जिसमें हरियाणा से पहुंचे 1100 से अधिक लोगों ने हाथों में दीपक लेकर भगवान सोमनाथ की आरती की।
इस दौरान भगवान सोमनाथ मंदिर पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। यहां श्रद्धालुओं ने अद्भुत लाइट एंड साउंड शो देखा। डॉक्यूमेंट्री के दौरान दिखाया गया कि किस प्रकार से समय समय आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर लूटने का प्रयास किया, लेकिन भगवान सोमनाथ की शक्ति और हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों की भक्ति और आस्था आक्रमणकारियों के मंसूबों पर भारी पड़ी। परिणाम स्वरूप सोमनाथ मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा भाव का मुख्य केंद्र है। समुद्र से उठती हुई लहरें यहां एक तरह से जलाभिषेक का काम कर रही हैं।
भिवानी से सोमनाथ मंदिर को पहुंचे कुसुमलता, राजकुमार, राजपाल, प्रेमवती, रामरती, बीगन सिंह, चंद्र भान, सुभाष शर्मा, राजेंद्र कुमार, सुलोचना सहित सभी श्रद्धालुओं ने महा आरती के दौरान एक साथ कहा कि उनके लिए यह यात्रा कभी नहीं भूला देने वाली रही। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ साथ गुजरात सरकार का भी आभार जताया।
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट प्रधान अनिल मिस्त्री को भिवानी से जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी भिवानी सुरेंद्र सिंगल, कुरुक्षेत्र से डीआईपीआरओ नरेंद्र कुमार और चंडीगढ़ मुख्यालय से आईपीआरओ सत्यपाल सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंट किया। सोमनाथ मंदिर दर्शन के बाद स्पेशल ट्रेन 11 जून को करीब 11बजे वेरावल चल पड़ी है,12 जून को वापिस हरियाणा प्रदेश पहुंच रहे हैं। वापसी में यात्रा के दौरान विशेषकर शिव के भजन गाती महिलाओं की आस्था देखते ही बन रही है।
उल्लेखनीय है कि भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रतिष्ठित है। गुजरात के वेरावले (सौराष्ट्र) में स्थित यह मंदिर सनातन आस्था, सांस्कृतिक गौरव और अटूट शक्ति का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि यहाँ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा जाने और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रमा ने अपने श्राप से मुक्ति पाने के लिए यहीं भगवान शिव की पूजा की थी। सोमनाथ मंदिर सदियों से विदेशी आक्रमणों और पुनर्निर्माण का गवाह रहा है। गजनवी से लेकर औरंगजेब तक के हमलों के बाद भी बार-बार इसका जीर्णोद्धार किया गया। आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर इसका वर्तमान भव्य रूप तैयार किया गया। यह मंदिर चालुक्य शैली के बेहतरीन शिल्प का अद्भुत उदाहरण है और समुद्र के किनारे स्थित होने के कारण अत्यंत मनोरम दिखाई देता है।
