पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल : के.के. वर्मा ने पत्नी के जन्मदिन पर श्मशान भूमि में रोपे 101 पौधे

राजेश बिष्ट / नए भारत का उदय


भिवानी। समाज में जन्मदिन और विशेष अवसरों को होटलों और भव्य आयोजनों में मनाने का चलन आम है, लेकिन भिवानी के पर्यावरण प्रेमी इसे एक नई और प्रेरणादायी दिशा दे रहे हैं। भिवानी पर्यावरण शुद्धिकरण समिति के संयोजक के.के. वर्मा ने अपनी पत्नी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में गांव कलिंगा स्थित श्मशान भूमि और उसके आसपास के परिसर में 101 छायादार एवं फलदार पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। समिति द्वारा चलाए जा रहे इस हरित अभियान के तहत न केवल पौधरोपण किया गया, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष इंतज़ाम भी किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण और समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और इस पहल की सराहना की।

इस मौके पर भिवानी पर्यावरण शुद्धिकरण समिति के संयोजक के.के. वर्मा ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि कई गांवों की श्मशान भूमियों में छायादार पेड़ों की भारी कमी होती है। भीषण गर्मी, कडक़ती धूप या बारिश के मौसम में जब किसी का दाह संस्कार करना पड़ता है, तो परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों को बैठने और रुकने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए हमने अपने पारिवारिक मांगलिक अवसर को श्मशान भूमि के पर्यावरण सुधार से जोडऩे का निर्णय लिया। जिन भी गांवों की श्मशान भूमियों में पेड़ों की कमी है, वे ग्रामीण भिवानी पर्यावरण शुद्धिकरण समिति से संपर्क कर सकते हैं। समिति पौधों की उपलब्धता कराएगी, बशर्ते स्थानीय ग्रामीण उन पौधों के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी लें।

के.के. वर्मा ने आगे बताया कि पर्यावरण संतुलन केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों की भी समान भागीदारी है। समिति वेस्ट टू वैल एंड बैस्ट पहल के अंतर्गत बेकार पड़ी वस्तुओं का सदुपयोग कर पक्षियों के लिए हस्तनिर्मित घोंसले तथा दाना-पानी के पात्र तैयार कर रही है। ये घोंसले और पात्र सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और पेड़ों पर लगाए जा रहे हैं ताकि विलुप्त हो रही पक्षियों की प्रजातियों को आश्रय मिल सके। वर्मा ने कहा कि पर्यावरण की पूरी श्रृंखला में कीट-पतंगों, पशु-पक्षियों और वृक्षों सभी का अपना एक जैविक महत्व है। अगर हमें आने वाली पीढिय़ों को शुद्ध हवा और स्वस्थ वातावरण देना है, तो हमें प्रकृति के प्रत्येक घटक की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी होगी। कार्यक्रम में राजेंद्र परमार, रणवीर सिंह, निरंजन, रमेश सरपंच, सूबेदार विक्रम सूबेदार ओमप्रकाश, सर्वेश, नीरज सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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