सरल केंद्र के सामने एयर स्ट्राइक व ब्लैकआउट पर मॉक ड्रिल, करीब 26 लोगों को सुरक्षित निकालने का किया अभ्यास

 राजेश बिष्ट / नए भारत का उदय 

भिवानी। डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में गृह रक्षी विभाग द्वारा शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र के सामने एयर स्ट्राइक एवं ब्लैकआउट को लेकर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान एयर स्ट्राइक की स्थिति में इमारत के क्षतिग्रस्त होने तथा उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया। इस दौरान करीब 26 व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल रेफर करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान गृह रक्षी विभाग के सेक्टर कमांडर उमेश सांगवान ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य एयर स्ट्राइक जैसी आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की तैयारियों को परखना था। उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान भवन के ध्वस्त होने, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल में पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, रेडक्रॉस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं वालंटियरों ने भाग लिया। सभी विभागों ने आपात स्थिति में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।

वहीं गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास के रूप में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ब्लैकआउट की शुरुआत सायरन बजाकर की। इस दौरान जिले में 10 मिनट तक ब्लैकआउट रहा। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य और अग्निशमन आदि जरूरी सेवाओं को चेकअप कर और अधिक प्रभावशाली बनाना है। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि उनको ब्लैकआउट के दौरान किसी भी तरह डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। मॉक ड्रिल के दौरान नागरिक भयभीत न हों। मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों में आपातकालीन स्थिति के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर की जाने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूक करना है। ऐसे में नागरिक सरकार द्वारा जारी की गई हिदायतों की पालना करें।

ब्लैकआउट की घोषणा होने/सायरन चालू होने पर गैस/बिजली के उपकरण बंद कर दें। ब्लैकआउट के दौरान नागरिक घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो अपने वाहन को सडक़ किनारे पर गाड़ी पार्क करें और लाइटें बंद कर दें। जहां हैं वहीं रहें और इधर-उधर न जाएं। अलर्ट के दौरान सभी इनडोर और आउटडोर लाइटें बंद कर दें। इन्वर्टर या वैकल्पिक बिजली आपूर्ति को डिस्कनेक्ट कर दें। बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों की हर समय निगरानी की जाए। खिड़कियों के पास फोन या एलईडी डिवाइस का इस्तेमाल न करें। मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें या खिड़कियों को कार्ड बोर्ड/पैनल से ढकें। व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर असत्यापित जानकारी न फैलाएं।⁠ ड्रिल के बाद नए निर्देश होने तक कोई अन्य गतिविधि न करें। अपनी प्रतिक्रिया स्थानीय आरडब्ल्यूए या प्रशासन के साथ साझा करें। अपने आस-पास के बच्चों या बुजुर्गों से बात करें।  उन्हें आश्वस्त करें कि यह सिर्फ़ तैयारी का उपाय था।गृह रक्षी विभाग के अधिकारियों ने मॉक ड्रिल  के दौरान जिला वासियों से एयर स्ट्राईक और ब्लैक आउट की स्थिति में जरूरी दिहादतों की  हिदायतों की जानकारी होने का आह्वान किया।

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