
आयुर्वेद चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय हब बनेगा जटेला धाम-कृष्ण बेदी
राजेश बिष्ट
झज्जर। माजरा स्थित जटेला धाम में आज आयुर्वेद चिकित्सा के लिए एक ऐतिहासिक दिवस बन गया है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी और अन्य विशिष्ट अतिथिगण ने आयुर्वेद चिकित्सालय में योगदान देने वाले दानदाताओं को सम्मानित किया। जटेला धाम के सत्संग भवन में सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जटेला धाम पुरातन काल से ही मानवता की सेवा करता आ रहा है तथा इस मानव सेवा के अनुष्ठान को महंत राजेंद्र दास ने और भी अधिक गरिमामयी बना दिया है जटेला धाम अध्यातम केंद्र के साथ-साथ पर्यावरण सुधार संस्था और आयुर्वेद चिकित्सा व शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में अब विकसित हो रहा है। थोड़े ही दिनों में यह आयुर्वेद चिकित्सा व प्रौद्योगिकी के शोधकर्ताओं और नवेन्मषकों के लिए एक रमणीय पावन स्थल होगा। इसके लिए मैं महंत राजेंद्र दास और यहां के साध संगत को बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि जो इस आयुर्वेद चिकित्सा महायज्ञ में अपना योगदान दे रहे हैं उनका नाम चिकित्सा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा। ये दानदाता हमारे लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए श्रद्धा के पात्र हैं, जो मानव कल्याण के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के लिए अपना तन मन धन अर्पित हुए समर्पित कर रहे हैं। जटेला धाम साहित्यिक व अकादमिक गतिविधियों के लिए कई दशकों से मानवता की सेवा कर रहा है। आज का दिन आयुर्वेद चिकित्सा के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

समारोह के अध्यक्षता कर रहे धाम के पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने आयुर्वेद चिकित्सा व शोध संस्थान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा की यह चिकित्सा संस्थान आयुर्वेद शोध और उसके नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होगा। यहां पर आयुर्वेदिक पद्धति को नई तकनीक के साथ चिकित्सीय सेवा में बदलने का लिए समाज-कल्याण का कार्य करेगा। जटेला धाम से ही पर्यावरण संरक्षण का जो उद्घोष पिछले कई वर्षों पहले शुरू हुआ था वह विश्व के कोने-कोने तक पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेद चिकित्सा एक एक दूसरे के पूरक है। आयुर्वेद में भोजन एक दवा है, श्वास-साधना रोग मुक्ति का एक जरिया है तथा इनमें नवाचार का प्रयोग घातक बीमारियों से मुकाबले का एक रामबाण औजार है। चिकित्सा के इन तीनों आयाम से इस आयुर्वेद संस्थान में चिकित्सासेवा का कार्य होगा तथा साध संगत के सहयोग से यह चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय शोध व नवाचार केंद्र बनेगा। इसके साथ-साथ अकादमिक व शोध की गतिविधियों का भी जटेला धाम मार्गदर्शन करते रहेगा।

इस मौके पर सैकड़ो दानदाताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आयुर्वेद चिकित्सालय के निर्माण में करोड़ों रुपए की आर्थिक आहुति थी। नितानंद मिशन फाउंडेशन, स्वामी नितानंद सेवा समिति तथा नितानंद वाणी प्रचार प्रसार समिति व गांवों की पंचायतों के सहयोग से सम्मान समारोह को गरिमामयी बनाया गया, जिससे प्रेरित होकर दानदाताओं की होड़ लग गई। इस चिकित्सा महोत्सव के साक्षी बनने के लिए जन सैलाब उमङ पड़ा तथा लोगों ने आयुर्वेदीय जीवनशैली को अपनाने का संकल्प भी लिया इस सामान समारोह शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई तथा समापन मंगल आरती द्वारा हुआ।
