राजेश बिष्ट

भिवानी। जिलाधीश साहिल गुप्ता ने भिवानी कोर्ट कॉम्प्लेक्स/ लघु सचिवालय में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, वादियों, अदालत के कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और आम जनता की सुरक्षा को लेकर कोर्ट परिसर और लघु सचिवालय परिसर के 100 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की है।जिलाधीश साहिल गुप्ता ने अपने आदेशों में कहा है कि भिवानी स्थित न्यायालय परिसर एक संवेदनशील सार्वजनिक संस्थान है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं और शांति या सुरक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सार्वजनिक व्यवस्था और न्याय के सुचारू प्रशासन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। और चूंकि यहां सरकारी रिकॉर्ड में पर्याप्त जानकारी और सामग्री मौजूद है जो भिवानी स्थित न्यायालय परिसर और उसके आसपास शांति भंग होने, मानव जीवन और सुरक्षा को खतरा होने और सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना को दर्शाती है।

उपर्युक्त क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल निवारक उपाय आवश्यक है। अतः धारा 163 के अंतर्गत मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भिवानी न्यायालय परिसर और उसके 100 मीटर के दायरे में शस्त्रों पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ साथ सभा पर प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार से पांच या अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना निषेध है।

न्यायालय कार्य से संबंधित उद्देश्य से संदिग्ध गतिविधियों पर प्रतिबंध होगा। कोई भी ऐसा कार्य जिससे भय, दहशत या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है, जिसमें हथियारों का प्रदर्शन या संदिग्ध रूप से इधर-उधर घूमना शामिल है, सख्त वर्जित है।इसके साथ ही पुलिस द्वारा न्यायालय परिसर के अंदर और आसपास वाहनों की पार्किंग और आवाजाही को जांच पड़ताल की जाएगी।

पुलिस द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और जारी होने की तारीख से 60 दिनों की अवधि तक प्रभावी रहेगा और वापिस लिए जाने तक लागू रहेगा।इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और अन्य लागू कानूनों के संबंधित प्रावधानों के तहत दंडित किया जाएगा।
