राजेश बिष्ट

भिवानी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दिव्य भवन, रूद्रा कॉलोनी, भिवानी की ओर से आगामी शिवरात्रि महापर्व के उपलक्ष्य में शिवरात्रि महोत्सव की श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर परमात्म संदेश के माध्यम से आत्मिक जागरण का शुभ कार्य किया जा रहा है। शनिवार को राजानपाना से लेकर बर्तन बाजार होते हुए पुरानी बस स्टैंड तक भव्य शिव की बारात निकाली गई। बारात के माध्यम से आमजन को शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर बीके रजनी दीदी ने शिव की बारात के आध्यात्मिक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिव की बारात में देवता, दानव, भूत-प्रेत, पशु-पक्षी एवं शिव के गणों का प्रतीकात्मक चित्रण किया गया है। यह उस काल को दर्शाता है जब पुरानी सृष्टि का परिवर्तन होकर नई सृष्टि का सृजन होता है, जो वर्तमान में चल रहा है।उन्होंने बताया कि जब आत्माएं अपने घर परमधाम लौटती हैं, तब कुछ आत्माएं दैवी गुणों से परिपूर्ण होकर परमपिता परमात्मा शिवबाबा के साथ जाती हैं, वहीं कुछ आत्माओं को परमात्मा पतित से पावन बनाकर अपने साथ ले जाते हैं। इसी आध्यात्मिक सत्य का स्मृति स्वरूप शिव की बारात को दर्शाया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान शिवरात्रि के अवसर पर शिव ध्वजारोहण किया गया तथा परमपिता परमात्मा के समक्ष अपनी बुराइयों को अर्पण कर दैवी गुण धारण करने का आह्वान किया गया। साथ ही नशा छोड़ने के लिए उपस्थित लोगों को प्रतिज्ञा भी कराई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. आर.बी. गोयल ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी बीके सुभाष गोयल, बीके कृष्णा, बीके सज्जन, बीके संदीप, बीके मोहित, बीके कमल, बीके मंजू, बीके अंजू सहित बड़ी संख्या में बीके भाई-बहन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

