एसडीजेएम सुनील कुमार सकारात्मक इंटरनेट के प्रयोग से सुरक्षित डिजिटल समाज बनेगा : एसडीजेएम सुरक्षित

राजेश बिष्ट

इंटरनेट दिवस पर बजीना में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजित

तोशाम (भिवानी)। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम)-कम-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण भिवानी पवन कुमार के दिशा निर्देश पर उपमंडल सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष कम एसडीजेएम सुनील कुमार के कुशल मार्गदर्शन में सेफर इंटरनेट दिवस के अवसर पर गांव बजीना की लाइब्रेरी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच देवी ने की। जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजीटल युग में इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं कानूनसम्मत उपयोग के प्रति छात्राओं एवं आम नागरिकों को जागरूक करना रहा। जहां सुरक्षित इंटरनेट उपयोग आज के समय की मूलभूत जरूरत बारे विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।

सकारात्मक इंटरनेट के प्रयोग से सुरक्षित डिजिटल समाज बनेगा। सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर गांव बजीना की लाइब्रेरी में में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेफर इंटरनेट दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि इंटरनेट का उपयोग सोच- समझकर, सुरक्षित तरीके से और कानून के दायरे में रहकर किया जाए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सकें। नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे मे विस्तार से बताया। साथ ही बताया गया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या साईबरक्राईम.जीओवी.इन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता सतपाल ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेते हुए सेफर इंटरनेट के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट आज शिक्षा, सूचना, बैंकिंग, संचार और मनोरंजन का सशक्त माध्यम बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

पीएलवी गौरव ने डिजीटल युग में इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। जहां एक ओर इंटरनेट ने कार्यों को सरल, तेज और सुविधाजनक बनाया है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग से साइबर ठगी, फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और डेटा चोरी जैसी घटनाएं बढ़ी हैं।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक इंटरनेट उपयोग की शपथ दिलाई गई।

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