पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ हुंकार : 12 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी

राजेश बिष्ट


राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर सकसं व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने चलाया जनसंपर्क अभियान

भिवानी : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में कैरू ब्लॉक के विभिन्न विभागों और सरकारी स्कूलों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ जिला भिवानी के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र दिनोद और हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की राज्य उप-प्रधान सुशीलादेवी एवं ब्लॉक प्रधान सुरेंद्र मिल ने किया। इस दौरान नेताओं ने ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर शिक्षकों और कर्मचारियों को लामबंद किया और सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। जनसंपर्क के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सकसं जिला कोषाध्यक्ष सुरेंद्र दिनोद ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और कर्मचारी हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। हम केवल अपनी मांगों के लिए नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल ऐतिहासिक होगी और यह सरकार को बता देगी कि अब कर्मचारी चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने मुख्य रूप से पुरानी पेंशन बहाली, 8वां वेतन आयोग को लागू करने, हरयिाणा का अलग से वेतन आयोग बनाने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने व चिराग और उल्लास जैसी योजनाओं को बंद कर सरकारी स्कूलों के निजीकरण की कोशिशों पर रोक लगाने सहित अन्य मांगें उठाई।


      राज्य उप-प्रधान सुशीला देवी ने शिक्षकों के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सरकार मर्जर और कम संख्या के बहाने स्कूलों को बंद करने की साजिश रच रही है। संघ की प्रमुख मांगों में अध्यापकों पर थोपी गई टीईटी की अनिवार्यता संबंधी निर्णय को सरकार कानूनी पैरवी कर वापस लेने, कॉमन स्कूल सिस्टम के तहत पड़ोस के स्कूल में सबके लिए एक जैसी निशुल्क शिक्षा का प्रबंध करने, सभी स्कूलों को भिवानी बोर्ड से ही संबद्ध रखा जाए और किसी भी प्रकार का शुल्क न लिए जाने, हर वर्ष सत्र शुरू होने से पहले सभी पात्र अध्यापकों के तबादले सुनिश्चित किए जाने, सेवा नियमावली 2012 के कारण एसीपी में आ रही अड़चनों को दूर किए जाने, कर्मचारी जिन नियमों के तहत भर्ती हुए हैं, उन्हीं के आधार पर उन्हें पदोन्नति और लाभ देने, कौशल रोजगार निगम, गेस्ट टीचर और एनएसक्यूएफ शिक्षकों को पक्का करने की मांग उठाई।


      उन्होंने बताया कि ब्लॉक के प्रत्येक स्कूल और विभाग में कमेटियां गठित कर दी गई हैं। 12 फरवरी को कर्मचारी काम छोडकऱ सडक़ों पर उतरेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इन मांगों पर गौर नहीं किया, तो यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा।

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