अज्ञानता की नींद से जागने का समय, ‘पांच विकारों’ के त्याग से ही बनेगा भारत महान: बीके रजनी

राजेश बिष्ट

भिवानी/तोशाम:प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दिव्य भवन (रुद्रा कॉलोनी) द्वारा महाशिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में आध्यात्मिक जागरूकता की एक नई अलख जगाई गई। संस्थान द्वारा तोशाम बाईपास से बापोड़ा और बीरण गांव तक दो दिवसीय भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें शिव संदेश के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया गया।

प्रभात फेरी के दौरान “पांच विकार-नर्क का द्वार”, “जब छोड़ेंगे पांच विकार-तभी मिटेगा भ्रष्टाचार” और “जागो भाई, जागो बहनों-भारत में शिव आए हैं” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों को आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर शिव ध्वजारोहण कर परमात्मा की याद में श्रेष्ठ संकल्प लिए गए।

शाखा संचालिका बीके रजनी दीदी ने नारों का भाव स्पष्ट करते हुए एक प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा यह जागना केवल नींद से जागना नहीं, बल्कि अज्ञानता की निद्रा से जागना है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या और द्वेष जैसे विकारों को सचेतन अवस्था में त्यागना ही वास्तविक पुरुषार्थ है। परमात्मा निराकार शिव का अवतरण विकारों की घोर अंधियारी रात में होता है, इसीलिए उनके जन्मदिवस को ‘शिवरात्रि’ कहा जाता है। अगर हम अपने अंदर के विकारों को प्रभु चरणों में समर्पित कर दें और अपनी मन्सा (विचारों) को शक्तिशाली बनाएं, तभी हमारा घर मंदिर और समाज स्वर्ग जैसा सुंदर बन सकेगा। यही सच्ची शिवरात्रि है।

इस दो दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई-बहन और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने सामूहिक रूप से समाज को व्यसन मुक्त और विकार मुक्त बनाने की शपथ ली।

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