प्रसव पीड़ा से तड़पती बेबस मां ने चाकू से खुद पेट चीर कर नवजात को निकाला बाहर

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ फखरपुर थाना क्षेत्र के नंदवल गांव में एक गर्भवती महिला ने असहनीय प्रसव पीड़ा और घर में किसी की मौजूदगी न होने के कारण खौफनाक कदम उठा लिया। महिला ने स्वयं ही चाकू से अपना पेट फाड़कर नवजात बच्ची को बाहर निकाल लिया।फिलहाल महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

नंदवल गांव निवासी 34 वर्षीय ननकई गर्भवती थी। गुरुवार दोपहर को उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। दुर्भाग्यवश, उस समय घर पर कोई भी मौजूद नहीं था जो उसे अस्पताल पहुंचा सके या उसकी मदद कर सके। पीड़ा जब बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो महिला ने घर में रखे चाकू से अपने पेट पर वार कर उसे चीर दिया और कोख से नवजात बच्ची को बाहर खींच लिया।

महिला की चीख-पुकार सुनकर जब आसपास की ग्रामीण महिलाएं घर के भीतर पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। ननकई खून से लथपथ तड़प रही थी और पास ही नवजात बच्ची थी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय एएनएम को दी, जिसके बाद एम्बुलेंस बुलाकर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फखरपुर ले जाया गया।सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉ. शिवम मिश्रा और डॉ. राजेश सोनकर ने उपचार शुरू किया, लेकिन आंतरिक चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हालत चिंताजनक देख उसे तत्काल लखनऊ ट्रामा सेंटर भेज दिया गया।

मेडिकल कॉलेज के सर्जन एफ.आर. मलिक ने बताया कि महिला की स्थिति काफी नाजुक है, जबकि नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसे महिला विंग में भर्ती किया गया है। इस घटना के पीछे की पृष्ठभूमि अत्यंत दुखद है। महिला की मां मुन्नी देवी ने बताया कि ननकई के पति की मृत्यु छह माह पहले ही हो चुकी है। वह पहले से ही पांच बच्चों की मां है और यह उसका छठा प्रसव था। गरीबी और अकेलेपन के बीच इस दर्दनाक हादसे ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और सामाजिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!