संगठन के ‘चाणक्य’ को मिला सम्मान, संजय भाटिया की राज्यसभा में एंट्री तय : रीतिक वधवा

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

जमीनी कार्यकर्ता से राष्ट्रीय राजनीति तक, सामाजिक सरोकारों और विकास की प्रतिबद्धता का सम्मान

भिवानी। हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को हरियाणा से राज्यसभा के लिए अपना अगला उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और सामाजिक योगदान की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा के पूर्व प्रदेश सह मीडिया प्रमुख रीतिक वधवा ने संजय भाटिया को बधाई देते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा भाजपा में संरचनात्मक दृष्टि से “चाणक्य” कहे जाने वाले संजय भाटिया लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा, विधानसभा तथा प्रदेश में हुए विभिन्न उपचुनावों में संगठनात्मक कमान संभालने वाले संजय भाटिया का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद सफल रहा है। करनाल लोकसभा सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले भाटिया वर्तमान में अन्य राज्यों में भी पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़े संगठनात्मक कार्य देख रहे हैं।

रीतिक वधवा ने कहा कि राज्यसभा के लिए उनकी उम्मीदवारी यह दर्शाती है कि पार्टी नेतृत्व अनुभव, प्रतिबद्धता और संगठनात्मक निष्ठा को प्राथमिकता दे रहा है। घोषणा के साथ ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर देखने को मिल रही है। पानीपत में 29 जुलाई 1967 को जन्मे संजय भाटिया ने छात्र जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 1987 में मंडल महासचिव और 1989 में मंडल अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

जिला महासचिव, जिला अध्यक्ष और 1998 में राज्य महासचिव बनने तक उन्होंने संगठन में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2001 में नगर परिषद अध्यक्ष बनने के साथ उनकी लोकप्रियता और जनाधार मजबूत हुआ। भाजपा संगठन में वे मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के राज्य संयोजक तथा किसान मोर्चा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य जैसे पदों पर रहे। वर्ष 2015 से 2021 तक भाजपा हरियाणा के प्रदेश महासचिव के रूप में उन्होंने संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभाई।

इसके अलावा हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए ग्रामीण विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया।संजय भाटिया की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में सामने आई, जब उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ते हुए करनाल लोकसभा सीट से भारी बहुमत से जीत दर्ज की। यह जीत हरियाणा के 53 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में सबसे बड़े अंतर की जीतों में शामिल रही।

सांसद के रूप में वे उच्च उपस्थिति, जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और क्षेत्रीय समस्याओं को संसद में मजबूती से रखने के लिए जाने गए। उद्योग, किसान, युवा रोजगार, आधारभूत ढांचे और विकास से जुड़े मुद्दे उनकी प्राथमिकता रहे।वर्ष 2024 में पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हुए उन्होंने लोकसभा सीट छोड़ी और संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं।

हरियाणा विधानसभा चुनाव सहित विभिन्न राजनीतिक अभियानों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी उल्लेखनीय रही है। संकट और आपदा के समय उनकी सक्रिय उपस्थिति ने उन्हें जनता के बीच सहज और सुलभ नेता के रूप में स्थापित किया।

रीतिक वधवा ने कहा कि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में संजय भाटिया की उपस्थिति हरियाणा के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने में सहायक सिद्ध होगी। उनकी प्रशासनिक समझ, संवाद कौशल और संगठनात्मक अनुभव उन्हें उच्च सदन में सशक्त प्रतिनिधि बना सकता है।

उन्होंने कहा कि साधारण कार्यकर्ता से राष्ट्रीय स्तर के जनप्रतिनिधि बनने तक का संजय भाटिया का सफर समर्पण, सेवा और संगठनात्मक निष्ठा की प्रेरक मिसाल है। पानीपत की धरती से उठकर उन्होंने प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान बनाई है, जो युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।l

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