राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया के निर्देशानुसार प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने भिवानी स्थित बाल सेवा आश्रम तथा सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्थानों में रह रहे बच्चों व महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेना तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। निरीक्षण के दौरान संस्थान प्रबंधकों ने सीजेएम को संस्थानों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने दोनों संस्थानों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता तथा रहने की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से संस्थान में रह रहे बच्चों और महिलाओं को दी जा रही सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि बाल सेवा आश्रम में रह रहे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास बेहतर ढंग से हो सके। उन्होंने आश्रम के कर्मचारियों से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम में रह रहे बच्चों से भी बातचीत की और उनकी दिनचर्या, पढ़ाई तथा अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और इसके माध्यम से वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद सीजेएम पवन कुमार ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर में महिलाओं को दी जा रही कानूनी सहायता, काउंसलिंग, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र है, जहां उन्हें एक ही स्थान पर कानूनी सहायता, काउंसलिंग, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि यहां आने वाली प्रत्येक महिला को सम्मानपूर्वक और संवेदनशीलता के साथ सहायता प्रदान की जाए। निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने संस्थानों में रखे गए रिकॉर्ड, रजिस्टर तथा अन्य दस्तावेजों की भी जांच की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट रखें और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ, त्वरित और नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है। इसके साथ ही समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्राधिकरण निरंतर कार्य कर रहा है।
सीजेएम पवन कुमार ने बताया कि जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कानूनी जानकारी प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। निरीक्षण के अंत में सीजेएम पवन कुमार ने बाल सेवा आश्रम व सखी वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें तथा संस्थान में रह रहे बच्चों और महिलाओं की हर संभव सहायता सुनिश्चित करें। इस अवसर पर बाल सेवा आश्रम व सखी वन स्टॉप सेंटर का स्टाफ उपस्थित रहा।
