ग्रामीणों ने दी चेतावनी: अप्रैल में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मई में रोकेंगे रेलगाडियां

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

दो माह के भीतर होगा अंडरपास का समाधान, धरनास्थल पर पहुंचे विधायक वाल्मीकि व रेल अधिकारी

विधायक वाल्मीकि ने जूस पिलाकर धरने को कराया खत्म

भिवानी। करीब दो सप्ताह से गांव लोहारी जाटू में अंडरपास की मांग को लेकर धरनारत ग्रामीणों ने विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि व रेल अधिकारियों को भरोसे के बाद धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया। साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर मई माह तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रेल रेाकने त का भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

वहीं इस दौरान विधायक वाल्मीकि ने भरोसा दिलाया कि वे इस समस्या को लेकर विगत से सीएम नायब सिंह सैनी से भी मिले थे और अब बीकानेर मंडल में भी बातचीत हुई है। उन्होंने अप्रैल माह इस समस्या के समाधान के लिए कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। अगर समस्या का समाधान बातों में ही रहा तो वे खुद इस समस्या के लिए उनके साथ खड़ा मिलूंगा। उनको चंडीगढ सीएम तथा दिल्ली में जाकर रेलमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी।

उन्होंने बताया कि रेल अधिकारियों ने इस समस्या का समाधान नई तकनीकी से करने का जो भरोसा दिया है। उस योजना का टेंडर हो चुका है और अप्रैल माह तक कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उसके बाद अंडरपास में भूमिगत पानी की समस्या नहीं रहेगी। यहां यह बताते चले कि गांव लोहारी जाटू में रेलवे की सी 60 व सी 62 में भूमिगत पानी जमा होने से करीब चार से पांच फुट तक पानी जमा हो जाता है।

जिस वजह से किसानों के खेतों का रास्ता पूरी तरह से बंद रहता है। इसी समस्या के समाधान के लिए करीब दो सप्ताह पहले ग्रामीणों ने इसी जगह पर धरना शुरू किया था। तभी से धरना जारी है। इन दोनों रास्तों से गांव सूई, बलियाली, रामूपुरा के अलावा अन्य गांवों के लिंक मार्ग जुड़ते है। अब पानी जमा होने की वजह से वाहन चालकों को बवानीखेड़ा होकर इन गांवों में जाना पड़ रहा है।

एपॉक्सी ग्राउटिंग से रोका जाएगा अंडरपास का चौव्वा रेल विभाग के एडीआरएम ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी रेलवे विभाग के आला अधिकारियों को पास भेज दी है। जिसके चलते आला अधिकारियों ने उक्त दोनों अंडरपास में उगल रहे भूमिगत पानी को एपॉक्सी ग्राउटिंग से रोकने का फैसला लिया है। यह तकनीकी बिल्कूल नई है। इस तकनीकी के लागू करने के बाद भूमिगत पानी बाहर नहीं आएगी।

इस तकनीक के जरिए अंडरपास का पानी बंद करने के लिए रेल विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है। जो कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह तक खुलने की उम्मीद है। उसके बाद तत्काल कार्य शुरू हो जाएगा। इस तकनीकि के तहत यह कार्य करीब चार से पांच माह में पूरा होगा। चूंकि रेलवे की लाइनों के दोहरीकरण करने का कार्य जारी है। इस वजह से थोड़ा सा समय ज्यादा लगेगा,लेकिन कार्य पहले ही शुरू हो जाएगा।

उसके बाद कोई भी भूमिगत पानी की समस्या नहीं रहेगी।क्या होता है एपॉक्सी ग्राउटिंग भूमिगत पानी को रोकने के लिए फर्श या अन्य किसी जगह पर पहले छेद किए जाते है। उन छेदों में सीमेंट की बजाए एपॉक्सी रेजिन, हार्डनर और फिलर पाऊडर का मिश्रण का उपयोग किया जाता है। उन छेदों से इस मिश्रण का घोल बनाकर प्रेशर की मशीन से डाला जाता है। जिस जगह पर यह डाला जाता है। वह छीद्र के जरिए नीचे जाकर फैल जाता है और पर्त बन जाती है। वह पर्त भूमिगत पानी को उपर नहीं आने देती है। जिससे वह जगह पानी, दाग धब्बे व एसिड प्रतिरोधी हो जाती है।

क्या कहते है विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि बवानीखेड़ा हलके के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने बताया कि उन्होंने दोनों अंडरपास का मामला विधानसभा में भी लगाया हुआ था। समय कम मिला उठा नहीं पाया,लेकिन बाद में सीएम नायाब सिंह सैनी से मिला था और उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो प्रदेश सरकार से बन पड़ेगा वह कार्य पूरा करवाएंगे। साथ ही विधायक वाल्मीकि ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर रेलमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। अगर निर्धारित समयावधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे ग्रामीणों के साथ खडे मिलेंगे,बल्कि उनके आगे आगे चलकर समस्या का समाधान करवाएंगे।

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