यशवीर सिंह / नए भारत का उदय
लक्ष्य स्पष्ट और इरादे मजबूत हों सफलता पाने से नहीं रोक सकती कोई कठिनाई : ललित कुमार
भिवानी। कहावत है कि कौन कहता है आसमां में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है तोशाम के रहने वाले ललित कुमार ने। जिन्होंने अपनी मेहतन, ढृढ़ निश्चय व लक्ष्य प्राप्ति के जुनून से एक ही वर्ष मेंं लगातार दूसरी बार सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। ललित कुमार, जो मदन लाल चौहान के पुत्र हैं, ने हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों में सहायक प्रोफेसर (भूगोल) के पद पर चयनित होकर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।ललित की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि यह एक ही वर्ष में उनकी दूसरी बड़ी उपलब्धि है।

इससे पहले वर्ष 2024 में उनका चयन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से क्लर्क के पद पर हुआ था। वर्तमान में वे स्थाई लोक अदालत, करनाल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मात्र एक साल के भीतर क्लर्क से राजपत्रित अधिकारी के पद तक पहुंचना उनकी असाधारण प्रतिभा और समर्पण को दर्शाता है। ललित की शैक्षणिक यात्रा जमीनी स्तर से जुड़ी रही है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा तोशाम में हुई, जहां उन्होंने कक्षा 6 तक की पढ़ाई की। उसके बाद यमुनानगर के सढ़ौरा में 7वीं से 12वीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण की तथा कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और अब ललित कुमार सुंदर लाल बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर (उत्तराखंड) से अपनी पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
ललित कुमार अपनी इस शानदार उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, अपनी पीएचडी गाइड अनीता रुडोला और अपने गुरुजनों को देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से अपने बड़े भाई मनोज कुमार प्रवक्ता, राजनीति विज्ञान, रा. व. मा. विद्यालय बापोड़ा का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। ललित कुमार कहते है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कठिनाई आपको आगे बढऩे से नहीं रोक सकती। गौरतलब होगा कि ललित की यह कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यह साबित करता है कि छोटी शुरुआत के बाद भी अगर इंसान बड़े सपने देखे और निरंतर प्रयास करे, तो वह शिखर तक पहुंच सकता है।
