राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन मे भिवानी शहर के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों के अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और बच्चों के सर्वांगीण विकास के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सुपरवाइजर सुजाता व प्रगति के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं और अभिभावकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्कूल जाने से पहले किस प्रकार प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है। यहां बच्चों को खेल-खेल में सीखने की पद्धति के माध्यम से पढ़ाया जाता है, जिससे उनका मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास बेहतर तरीके से हो सके। साथ ही बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना भी विकसित की जाती है, ताकि वे आगे चलकर स्कूल के माहौल में आसानी से ढल सकें।
सुपरवाइजरों ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि उनकी आयु के अनुसार गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इनमें चित्र बनाना, कविता सुनाना, कहानी सुनना, रंगों की पहचान, गिनती सीखना और विभिन्न शैक्षणिक खेल शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनमें रचनात्मकता का विकास होता है। कार्यक्रम में मौजूद माताओं को बच्चों के संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
सुपरवाइजरों ने कहा कि छोटे बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए पौष्टिक भोजन बेहद आवश्यक है। बच्चों को घर का ताजा और संतुलित भोजन देना चाहिए, जिसमें दाल, हरी सब्जियां, फल, दूध और अनाज शामिल हों। उन्होंने माताओं को सलाह दी कि बच्चों को फास्ट फूड, जंक फूड और अत्यधिक बाहरी खाने से दूर रखें, क्योंकि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस दौरान माताओं को यह भी बताया गया कि बच्चों की सही परवरिश में स्वच्छता का विशेष महत्व होता है। बच्चों को बचपन से ही हाथ धोने, साफ-सफाई रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आदत डालनी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों के नियमित टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कई माताओं ने बच्चों की पढ़ाई, खानपान और देखभाल से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका सुपरवाइजरों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरल भाषा में जवाब दिया। अभिभावकों ने भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें बच्चों की सही देखभाल और शिक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
भिवानी शहर के लगभग सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और अभिभावकों को बच्चों के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक करना है, ताकि वे अपने बच्चों के शुरुआती वर्षों में उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दे सकें।
