राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

बेटियों को बोझ नहीं समझना चाहिए , मेरे माता पिता ने मुझे बनाया योग्य : दुल्हन सिमरन
भिवानी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति एवं सदाचारी शिक्षा समिति के बैनर तले एक और अनूठी सामाजिक पहल देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग में नवनियुक्त सुपरवाइजर सिमरन ने अपने विवाह समारोह को सामाजिक संदेश से जोड़ते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। विवाह समारोह में उपस्थित वर-वधू पक्ष के लोगों को इन महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक किया गया। संस्था द्वारा वधु को शगुन के साथ पौधा व रिफ्लेक्टर भेंट कर लोगों का संदेश दिया।
सिमरन ने कहा कि समाज में बेटियों को शिक्षा और समान अवसर देना बेहद जरूरी है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें बेटियों को पढ़ाना चाहिए, पर्यावरण व जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मांगलिक कार्यक्रम के अवसर पर भी सामाजिक सरोकारों को नहीं भूलना चाहिए।
भिवानी के हनुमान ढाणी निवासी तथा विवेकानंद हाई स्कूल में इतिहास प्रवक्ता शिक्षाविद् उर्मिला सैनी और सैनी समाज से जुड़े प्रतिष्ठित ठेकेदार विजय सैनी ने अपनी बेटी सिमरन का विवाह रोहतक निवासी ऋषभ के साथ सामाजिक संदेश के साथ संपन्न कराया। विवाह समारोह के दौरान दोनों पक्षों के लोगों को समाजहित से जुड़े विषयों पर जागरूक किया गया।
इस अनूठी पहल के सूत्रधार तथा भारत सरकार से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज और शिक्षाविद् सावित्री यादव ने बताया कि उनकी संस्था लंबे समय से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण के कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता लाकर ही इन महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि एक मार्च से 11 मार्च तक 11 बेटियों के विवाह समारोह में इस प्रकार की अनूठी पहल कर समाज को संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिगड़ते लिंगानुपात को सुधारने के लिए हमें बेटियों को समान अवसर देने होंगे। साथ ही स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर सिमरन और उनकी माता उर्मिला सैनी ने कहा कि उनके परिवार में बेटा-बेटी में कोई भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि परिवार ने सिमरन को अच्छी शिक्षा देकर एक योग्य अधिकारी बनने का अवसर दिया।
वहीं सिमरन ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्य करते हुए वे महिलाओं के सम्मान, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य पोषण अभियान के तहत अधिक से अधिक महिलाओं और बच्चों को लाभ पहुंचाना है।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष यादव, अंजु शर्मा, शिक्षाविद् सुमित मलिक, सरला अग्रवाल, मास्टर दयानंद ग्रेवाल, हर घर हरियाली थीम-2026 की ब्रांड एंबेसडर आरोही व नव्या भारद्वाज, रामा सैनी, प्रीति देवी, अनीता सैनी, बबीता बरगूजर, कविता रंगा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
