राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी। स्थानीय हलवासिया विद्या विहार के माधव सभागार में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर भारतीय नव वर्ष विक्रमी संवत 2083 का आयोजन वैदिक यज्ञ के माध्यम से अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। इस शुभ अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को सादर आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बैंड एवं पुष्पवर्षा के साथ विद्यार्थियों तथा अभिभावकों के भव्य स्वागत से हुआ। यज्ञ में वैदिक प्रवक्ता सुखदेव शास्त्री जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। यज्ञ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा एवं आस्था को सुदृढ़ करना तथा नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना रहा।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासक डॉ. शमशेर सिंह अहलावत, प्राचार्य विमलेश आर्य, उप-प्राचार्य दीपक वशिष्ठ सहित समस्त अध्यापकवृंद, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने बारी-बारी से यज्ञ में आहुतियांँ अर्पित कीं। सुखदेव शास्त्री जी ने सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि का प्रारंभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल गणना के अनुसार वर्तमान सृष्टि की रचना को अब तक एक अरब छियानवे करोड़ आठ लाख एक सौ छब्बीस वर्ष व्यतीत हो चुके है। इसके अतिरिक्त उन्होंने चारों वेद—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद—का महत्व भी विस्तार से समझाया तथा धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की व्याख्या प्रस्तुत की।
प्राचार्य विमलेश आर्य ने वैदिक प्रवक्ता का आभार व्यक्त करते हुए सभी को हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राजा विक्रमादित्य के नाम पर विक्रमी संवत् को मनाए जाने की विस्तृत जानकारी भी दी। आचार्या मीनाक्षी अग्रवाल ने अपनी सुमधुर स्वर में सुंदर भजन ‘सन् को छोड़ो संवत् पकड़ो’ की शानदार प्रस्तुति देकर हिंदू नव वर्ष की महत्ता को प्रतिपादित किया। साथ ही वैदिक पुरोहित शास्त्री जी ने भी भजनों के माध्यम से ईश्वर की व्यापकता एवं जीवन के यथार्थ पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
इस अवसर पर वरिष्ठ विभाग प्रमुख एलेग्जेंडर दास, अमरेंद्र कुमार, माध्यमिक विभाग प्रमुख सुवीरा गर्ग, प्राथमिक विभाग प्रमुख वीणापाणि मेहता, सुमन रानी, अदिति पूनिया, किरण मखीजा, नेहा, अंग्रेजी प्रवक्ता मनोज शर्मा, संगीताचार्य हरीश व मुकेश रहेजा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। यज्ञ के पश्चात विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समस्त शिक्षकगण ने सामूहिक रूप से ‘ॐ’ के उद्घोष, ‘वंदे मातरम्’ एवं ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ परिक्रमा कर भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्म की महानता का संदेश दिया। तत्पश्चात् पीले चावल के प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
