राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान एवं वीईआरसीएस के संयुक्त तत्वावधान में कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी के निर्देशन में “आपदा प्रबंधन में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज की गरिमामय उपस्थिति में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलसचिव एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जियोफिजिक्स विभाग के चेयरमैन प्रो. भगवान सिंह चौधरी उपस्थित रहे। साथ ही विशेषज्ञ वक्ता के रूप में डॉ. प्रीति सोनी एवं डॉ. ऋतु ने भी सहभागिता की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. भगवान सिंह चौधरी ने कहा कि आपदा प्रबंधन के प्रति प्रत्येक नागरिक का जागरूक एवं प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात, सुनामी एवं तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारणों, प्रभावों तथा उनके प्रबंधन के विभिन्न उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जियो-एआई आधारित आपदा प्रबंधन, वाटरशेड प्रबंधन एवं फ्लड मैनेजमेंट के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
पैनल चर्चा के दौरान प्रो. जित कुमार गुप्ता ने आपदा-रोधी (डिजास्टर रेजिलिएंट) भारत के निर्माण में योजनाओं एवं विभिन्न संस्थानों की भूमिका तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित योजना निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। वहीं हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. वी. एस. आर्य ने आपदा प्रबंधन में जियोस्पेशियल तकनीकों के एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया तथा हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र द्वारा आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी।
कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि हमें प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने के बजाय उसके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।
डीन प्रो. संजीव कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन विषय पर आयोजित यह कार्यशाला हम सभी के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रासंगिक है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. पवन कुमार एवं उनकी टीम को बधाई दी।
विशेषज्ञ वक्ताओं डॉ. प्रीति सोनी एवं डॉ. ऋतु ने जियो-तकनीकों के माध्यम से आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी प्रियंका ने किया।
इस अवसर पर कार्यशाला संयोजक डॉ. पवन कुमार, डॉ. वेदप्रकाश, डॉ. मुकेश यादव, डॉ. सुरभि गौड़, डॉ. राकेश पंघाल, डॉ. उत्पल कुमार, डॉ. आशीष कुमार, पीआरए ऋषि शर्मा, एलटी जितेंद्र, एलए पूनम, शिवा बंसल सहित अनेक कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
