राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी। जिला की मंडियों में विशेषतौर पर सरसों के अनुचित भंडारण/ जमाखोरी और बाजार शुल्क की चोरी रोकने को लेकर डीसी साहिल गुप्ता ने सभी मंडियों में अधिकारियों की विशेष कमेटियों का गठन किया है। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा को जिला की निगरानी कमेटी का ऑल ओवर इंचार्ज बनाया है। निगरानी कमेटी के अधिकारी और कमेटियों के सदस्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार सरसों की खरीद व स्टॉक की पूरी निगरानी करेंगे।
डीसी साहिल गुप्ता द्वारा जारी आदेशों के अनुसार भिवानी, लोहारू, तोशाम और सिवानी में संबंधित एसडीएम को निगरानी कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इनके अलावा जुई परचेज सेंटर पर बीडीपीओ केरू, बहल के लिए नायब तहसीलदार बहल, डिगावा के लिए नायब तहसीलदार लोहारू, बवानी खेड़ा के लिए नायब तहसीलदार बवानी खेड़ा चांग के लिए बीडीपीओ भिवानी, धनाना के लिए तहसीलदार भिवानी, खरक कला के लिए नायब तहसीलदार भिवानी, कुंगड़ के लिए बीडीपीओ बवानी खेड़ा और पटोदी परचेज केंद्र के लिए नायब तहसीलदार तोशाम को निगरानी कमेटी का अध्यक्ष लगाया गया है। नि
गरानी कमेटी के अध्यक्ष के साथ-साथ मार्केट कमेटी के संबंधित सचिव, खाद्य पूर्ति विभाग से अधिकारी/ परचेज एजेंसी का निरीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी/ पुलिस अधिकारी निगरानी कमेटी के सदस्य हैं। डीसी ने निगरानी कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वे सरकार द्वारा निर्धारित पैमानों के अनुसार सरसों की खरीद करवाना सुनिश्चित करें और वहां के स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन रखें। सरसों की खरीद मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के आधार पर होनी चाहिए। फसल बिक्री में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत ना आए।
इसलिए किया गया है निगरानी कमेटियों का गठन
यह पाया गया है कि आरएमएस 2026 के दौरान जिले की मंडियों में सरसों की आवक आरएमएस 2025 के दौरान दर्ज की गई आवक की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। इससे यह संभावना बनती है कि सरसों सीधे बिचौलियों को बेची जा रही, जो प्रचलित बाजार दरों के सरसों के एमएसपी से अधिक होने के कारण, निर्धारित बाजार शुल्क जमा किए बिना उपज का भंडारण किया जा रहा है। सरसों की उपज की जमाखोरी का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि सरसों के बाजार शुल्क की कोई चोरी न हो, इसके लिए अधिकारियों/कर्मचारियों की टीम गठित की है।
