राजेश बिष्ट / नए भारत का उदय
भिवानी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय कार्यक्रम पोषण भी-पढ़ाई भी के अंतर्गत बुधवार को स्थानीय राजान पाना स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन और अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा, डीपीओ वैशाली, सीडीपीओ किरण के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय अभिभावकों को बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के नए आयामों से परिचित कराया। कार्यक्रम के दौरान विभाग के अधिकारियों और सुपरवाइजर ने स्पष्ट किया कि अब आंगनवाड़ी केंद्र केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन के आधुनिक केंद्र बन चुके हैं।

नई शिक्षा नीति के तहत, अब यहां 3 से 6 वर्ष के बच्चों को उनकी मातृभाषा में खेल-खेल के माध्यम से बुनियादी शिक्षा प्रदान की जा रही है। सुपरवाइजर प्रगति ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उनकी बुद्धि और व्यक्तित्व को भी निखारना है। पोषण भी-पढ़ाई भी अभियान के तहत हमने अपनी कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है ताकि वे आधुनिक शिक्षण सामग्री का उपयोग कर सकें। जब बच्चा आंगनवाड़ी में खेलता है, तो वह केवल समय नहीं बिता रहा होता, बल्कि वह सामाजिक कौशल और प्राथमिक ज्ञान सीख रहा होता है। इस दौरान गर्भवती और धात्री माताओं को संतुलित आहार चार्ट वितरित किए गए।
इस दौरान बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए, जिसमें दिखाया गया कि कैसे कविता, कहानी और खिलौनों के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक स्तर सुधारा जा रहा है। पोषण ट्रैकर ऐप की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया, जिससे बच्चों के वजन, लंबाई और स्वास्थ्य की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा रही है। अभिभावकों ने भी विभाग की इस पहल की सराहना की और माना कि सही पोषण के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
