आस्था, संस्कृति और लोक परंपरा का संगम बना मासी भूमिया दिवस महोत्सव

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने मंदिर सौंदर्यीकरण हेतु दिए ₹3 लाख

मासी/अल्मोड़ा/ उत्तराखंड। चौखुटिया तहसील के प्रसिद्ध आस्था केंद्र मासी भूमिया मंदिर में शनिवार को अटूट श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ दो दिवसीय भूमिया देवता वार्षिक दिवस समारोह का शुभारंभ हो गया। कलश यात्रा, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भंडारे के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। समारोह में दूर-दराज़ गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने भूमिया बाबा के जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और कलश यात्रा से हुई। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने पूजा में सहभागिता कर क्षेत्रवासियों को भूमिया दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए ₹3 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उनके इस ऐलान का श्रद्धालुओं और मंदिर समिति ने जोरदार स्वागत किया।

ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच मंदिर परिसर से निकली भव्य कलश यात्रा मासी बाजार होते हुए रामगंगा तट तक पहुंची। यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर लोकगीतों के साथ भागीदारी निभाई, जबकि युवा और बुजुर्ग भूमिया बाबा के जयकारे लगाते रहे। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह से पूरा क्षेत्र धार्मिक रंग में रंगा दिखाई दिया। रामगंगा तट पर विधिवत पूजन के बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर पहुंचे, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।

भूमिया दिवस समारोह में दिल्ली से पहुंचे युवा संगठन “काला चौना” के सदस्यों ने विशेष भंडारे का आयोजन किया। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ सेवा भावना का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। संगठन के युवाओं ने कहा कि वे हर वर्ष इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहते हैं। लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समांसमारोह में नमामि गंगे सांस्कृतिक मंच, स्थानीय लोक कलाकारों तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, भक्ति गीत और पारंपरिक नृत्यों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र नेगी, नगर पंचायत अध्यक्ष रेवती देवी, जेष्ठ प्रमुख जितेंद्र बंगारी, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष भूपाल बोरा, जिला पंचायत सदस्य हर्षिता वर्मा, सरस्वती किरोला, मंदिर समिति अध्यक्ष रामस्वरूप मासीवाल, गेवाड़ विकास समिति अध्यक्ष गजेंद्र नेगी, धीरज रावत, नंदकिशोर, हरीश मैनाली, कांता रावत, तनुजा बिष्ट, देवकी रावत, महेश लाल वर्मा, दिनेश मासीवाल, धीरेंद्र रावत, नंदकिशोर मासीवाल, चंदन बिष्ट, गोपाल मासीवाल, प्रधान मासी दया मासीवाल, मेला समिति अध्यक्ष गजेंद्र बिष्ट, खीमानंद कबडवाल, शंकर सिंह बिष्ट, शंकर जोशी, गोपाल गिरी, विपिन शर्मा, किशनानंद, अरबिंद बिष्ट, जानकी देवी सहित अनेक पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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