राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। देश के युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और उन्हें अपनी मिट्टी व सेहत से जोडऩे के लिए विश्व रिकॉर्डधारी पहलवान बिजेंद्र सिंह ने एक अनूठा शंखनाद किया है। अखिल भारतीय युवा जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष और स्टील मैन के नाम से विख्यात विश्व रिकॉर्डधारी पहलवान बिजेंद्र सिंह की अढ़ाई कोसी उल्टे कदम यात्रा शनिवार को दूसरे दिन भी शहर में उत्साह के साथ जारी रही।

हाथों में तिरंगा और जुबां पर नशा मुक्ति का संकल्प लेकर निकले पहलवान बिजेंद्र को देखने के लिए शहर के चौराहों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अपनी यात्रा के दौरान पहलवान बिजेंद्र सिंह एक अलग ही अंदाज में नजर आए। गले में नशा मुक्ति के संदेशों वाली पट्टियां, हाथ में माइक और तिरंगा थामे हुए वे शहर के मुख्य मार्गों पर उल्टे कदम चलते दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न चौक-चौराहों पर रुककर आमजन, विशेषकर युवाओं को नशे के विनाशकारी दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपनी पुरानी गौरवशाली संस्कृति और खान-पान को भूलती जा रही है। उल्टा चलना एक प्रतीकात्मक संदेश है कि हमें अपनी जड़ों की ओर वापस लौटना होगा। नशा शरीर और मन दोनों को खोखला कर देता है। मेरा लक्ष्य युवाओं को इस गर्त से निकालकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
गौरतलब है कि पहलवान बिजेंद्र सिंह अपनी शारीरिक क्षमता के लिए विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने अपने 100 शक्ति प्रदर्शन पूर्ण किए थे। वे मानते हैं कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को खेल और योग की ओर मोड़ें, तो हरियाणा और देश का भविष्य सुरक्षित होगा।
