राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। भिवानी जिले में पंजाबी समाज की सांस्कृतिक पहचान, भाषा संरक्षण और सामाजिक हितों को लेकर गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। 30 मई को अरोड़ वंश के संस्थापक महाराज अरूट की जयंती के अवसर पर जहां भव्य समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं अरोड़ा विकास मंच ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार और राज्यपाल के समक्ष समाजहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। अरोड़ा विकास मंच के नेशनल विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने मांग की है कि महाराज अरूट जयंती के अवसर पर पूरे हरियाणा में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।

उन्होंने कहा कि महाराज अरूट प्रभु श्रीराम की आठवीं पीढ़ी के वंशज और अरोड़ वंश के संस्थापक थे, जिनके आदर्श समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन अवकाश घोषित होने से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा तथा समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सुरेश अरोड़ा ने हरियाणा पंजाबी वेलफेयर बोर्ड के गठन की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे पंजाबी समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का बेहतर समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रदेश के स्कूलों में 10वीं कक्षा तक पंजाबी विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाने की भी मांग की। उनका कहना है कि मातृभाषा से जुड़ाव बच्चों के नैतिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष भिवानी में पहली बार समस्त खत्री परिवार द्वारा महाराज अरूट जयंती बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। कार्यक्रम 30 मई को स्थानीय कृष्णा कॉलोनी स्थित आर्य सदन में शाम 7 बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरक प्रसंगों के साथ समाजहित के संदेश और विशाल प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। समाज के लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का कार्य करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
