34 यात्रियों की जान बचाकर खुद अपने प्राण गंवा गया चालक, ब्रेक फेल बस को पहाड़ी से भिड़ाया

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

लोहाघाट/ उत्तराखंड। जनपद चंपावत के लोहाघाट क्षेत्र में एक चालक ने 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। बुधवार सुबह धारचूला से टनकपुर जा रही रोडवेज बस के ब्रेक फेल होने पर चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए पहाड़ी से टकरा दिया। इस दौरान चालक की दर्दनाक मौत हो गई।जानकारी के अनुसार टनकपुर डिपो की बस बुधवार सुबह चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र स्थित रायकोट महर के बकरियां मंदिर के पास पहुंची थी। तभी अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए और वाहन अनियंत्रित हो गया। बस में करीब 34 यात्री सवार थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक बेनीराम थ्वाल ने साहसिक निर्णय लेते हुए बस को पहाड़ी की ओर मोड़कर टकरा दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान बच गई।

हालांकि टक्कर के दौरान ड्राइवर साइड का दरवाजा खुल गया और चालक बस से नीचे गिर गया। इसी बीच बस का पहिया उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक महिला यात्री घायल हुई है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से बस को हटाकर चालक के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है, हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने चालक की बहादुरी को सलाम किया। वहीं रोडवेज बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बसों के नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।कर्तव्य निभाते-निभाते चालक बेनीराम थ्वाल ने अपने प्राण गंवा दिए, लेकिन उनकी सूझबूझ और साहस ने 34 परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।

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