राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
गुरुग्राम। ‘माय होम इंडिया’ और गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कला संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026’ का भव्य और सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रबुद्ध वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के राष्ट्रवाद, उनके संघर्षों और सामाजिक सुधार के विचारों पर गहराई से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव एवं ‘माय होम इंडिया’ के संस्थापक सुनील देवधर ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि वीर सावरकर का जीवन अप्रतिम देशभक्ति और अदम्य साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “सावरकर ने न केवल देश की आजादी के लिए यातनाएं सहीं, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और छुआछूत के खिलाफ भी पुरजोर आवाज उठाई। आज की युवा पीढ़ी को उनके अखंड भारत और ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को आत्मसात करने की आवश्यकता है।

“कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कौशिक ने अपने अध्यक्षीय भाषण में ‘माय होम इंडिया’ और विश्वविद्यालय के कला संस्कृति विभाग के इस साझे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे महान नायकों के विचारों को छात्रों तक पहुँचाने के लिए सदैव तत्पर रहेगा, जिससे युवा पीढ़ी में उच्च नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों का विकास हो सके।

ऊषा प्रियदर्शी प्रदेश अध्यक्षा, भाजपा हरियाणा महिला मोर्चा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। अमित चंद्रशेखर आज़ाद (प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता) ने सावरकर जी के क्रांतिकारी जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा करते हुए बताया कि किस तरह उनके साहित्य ने देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाई।

इस गरिमामयी समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्ध विचारकों, प्राध्यापकों और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण माहौल में हुआ।
