योग हमें यह सिखाता है कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हमारे भीतर ही मौजूद है : एडीजे मनीष कुमार

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट चंडीगढ़ तथा हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) भिवानी द्वारा जिला न्यायालय परिसर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीएलएसए के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह के मार्गदर्शन में आयुष विभाग के सहयोग से किया गया।योगाभ्यास शिविर में न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों, लीगल डिफेंस काउंसिल स्टाफ, बार एसोसिएशन के सदस्यों, पैनल अधिवक्ताओं तथा विधिक स्वयंसेवकों ने बढ़-चढक़र भाग लिया। योग सहायक मनीषा और गीतू ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और स्मार्टफोन का युग है, लेकिन इसके कारण लोग स्वयं से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास जानकारी की कोई कमी नहीं है, फिर भी मानसिक शांति का अभाव महसूस किया जा रहा है। ऐसे समय में योग हमें यह सिखाता है कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हमारे भीतर ही मौजूद है।उन्होंने कहा कि अनेक बीमारियां दवाइयों से अधिक हमारी जीवनशैली से जुड़ी होती हैं और योग हमें बीमारी के बाद उपचार नहीं, बल्कि बीमारी से पहले बचाव का मार्ग दिखाता है। योग का नियमित अभ्यास शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मनीष कुमार ने कहा कि जीवन की दौड़ में केवल आगे निकलना ही सफलता नहीं है, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और प्रसन्न रहना भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सोहनलाल मलिक, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सुखबीर सहित डीएलएसए एवं न्यायालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। योग दिवस कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया गया।

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