राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। स्थानीय दिनोद गेट स्थित टिबड़ेवाल सभागार के सामने पिछले 65 वर्षों से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवारों का पेट पाल रहे छह गरीब परिवारों को जबरन और गैर-कानूनी तरीके से दुकान खाली करवाने कोशिशों के खिलाफ पीडि़त परिवारों द्वारा शुरू कियागया धरना अब एक जन आक्रोश का रूप लेता जा रहा है। इस दौरान रोजाना विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी धरने को अपना समर्थन देने पहुंच रहे है तथा आरएसएस व विश्व हिंदु परिषद के साथ गैर कानूनी तरीके से दुकान खाली करवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

इसी कड़ी में वीरवार को अनिश्चितकालीन धरने के छठे दिन कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता धरने को समर्थन देने पहुंचे तथा सरकार के ईशारे पर आरएसएस, विश्व हिंदु परिषद द्वारा की गई इस गैर कानूनी कार्रवाई की जमकर आलोचना की। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने प्रशासन, स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा पीडि़तों को न्याय दिलाने व आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की। धरने की अध्यक्षता सैनी कल्याण परिषद के प्रधान भूप सिंह सैनी ने की तथा संचालन सैनी विचार मंच इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश सैनी ने किया।
इस दौरान कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि पिछले 65 वर्षो यहां रह रहे 6 परिवारों की दुकानें खाली करवाने के लिए से भाजपा के तथाकथित नेता पुलिस प्रशासन को लेकर पहुंचे, वो ना केवल गैर कानूनी था, बल्कि न्याय व सुरक्षा प्रणाली पर भी सवालिया निशान है। जिसके विरोध में पीडि़त परिवारों द्वारा धरना दिया जा रहा है। कांग्रेस इस धरने को पूरी तरह से समर्थन करती है तथा पीडि़तों को विश्वास दिलाती है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि यदि कोई जमीनी विवाद है तो उसका समाधान न्याय पालिका के फैसले पर ही निर्भर होता है, लेकिन सत्ता व वर्दी के रौब दिखाते हुए आमजन को प्रताडि़त व परेशान करना न्यायपालिका पर भी प्रश्रचिह्न लगाता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहंी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से पीडि़त परिवारों के समर्थन है तथा जब तक पीडि़त परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, वे कंधे से कंधा मिलाकर हर संघर्ष में साथ देगी।
वही सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन कर रहे है। वीरवार को किसान सभा, एनएसयूआई, व्यापार मंडल, महात्मा ज्योतिबा फूले जनकल्याण संगठन, सैनी विचार मंच इंडिया, सैनी सभा के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे तथा धरने को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की जबरन कार्रवाई पूरी तरह से कानून विरोधी है, जो कि सीधे तौर मानवीय अधिकारों को उल्लंघन है। ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार के असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह से नकेल लगाई जा सकें।
उन्होंने कहा कि दोषी लोगों की लिखित में शिकायत की है, लेकिनन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तथा वे एसपी व डीसी से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का कार्य आमजन को सुरक्षापूर्ण माहौल देना है, लेकिन जब पुलिस अधिकारी ही असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर आमजन को प्रताडि़त करने लगे तो आमजन किससे सुरक्षा की उम्मीद करेगा। उन्होंने कहा कि दशकों से यहां रहकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के सरकारी या सामाजिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं तथा न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से यह जंग जारी रहेगी।
