राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष से स्थानीय सेक्टर 13 स्थित चौ. बंसीलाल राजकीय बहुतकनीकी, भिवानी में साइबर फोरेन्सिक एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी में तीन वर्षीय डिप्लोमा ट्रेंड आरम्भ होने से स्थानीय विद्यार्थियों के लिए सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। उपरोक्त कथन संस्थान की प्राचार्या डॉ गीता गुलिया ने आज शहर के म्युनिसिपल पार्षदों और आस पड़ोस के गांव के पंचों और सरपंचों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत चौ. बंसीलाल राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, भिवानी में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में सूर्य प्रताप सिंह,पार्षद, संदीप यादव, पार्षद, उमेद शर्मा, सरपंच, नरेश तंवर, एक्स सरपंच, कमल, मीडिया प्रवक्ता जितेंद्र, ठेकेदार, राम नारायण दुग्गल, पार्षद ओम्मी राजपूत, ठेकेदार सिट्टू भाट्टी, समाज सेवक मोनू राजपूत, कालू ठेकेदार, विभागाध्यक्ष हर्ष चौधरी, कविता रानी, टीना कुकरेजा आदि विशिष्ट व्यक्ति शामिल रहे । बैठक के पश्चात् सेक्टर 13 के लोकप्रिय म्युनिसिपल पार्षद सूर्या तंवर ने कहा कि आज जबकि साइबर फ़्रॉड बढ़ रहे हैं तो साइबर एण्ड फोरेन्सिक के डिप्लोमा की आवश्यकता वक़्त की माँग है और निःसन्देह इस क्षेत्र में रोजगार के अनेकों अवसर हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, फूड टेक्नोलॉजी, फैशन टेक्नोलॉजी, फैशन डिजाइन जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संस्थान में पहले से ही संचालित किए जा रहे हैं। प्रवेश शाखा की ओर से उपस्थित जनप्रतिनिधियों को छात्रवृत्ति योजनाओं, बस पास सुविधा, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट गतिविधियों सहित संस्थान में उपलब्ध विभिन्न छात्र हितैषी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जनप्रतिनिधियों ने संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही तकनीकी शिक्षा एवं सुविधाओं की सराहना की तथा अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संस्थान में उपलब्ध पाठ्यक्रमों और प्रवेश अवसरों के बारे में जागरूक करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा से जोड़ना रहा।
