राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। अखिल भारतीय किसान सभा ने 2023-24 के रबी फसल सरसों के 85 करोड़ बीमा क्लेम के मामले में क्षेमा जनरल इन्सोरेंस कम्पनी लिमिटिड द्वारा आज पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका उठाने को किसानों के संघर्ष की जीत बताया है, गौरतलब है कि उक्त कम्पनी ने 2023-24 की रबी फसल का 85 करोड़ सरसों का बीमा निरस्त कर दिया था और कम्पनी सैंटरल टेक्नीकल एडवाजरी कमेटी में चली गई थी, परन्तु किसानों ने अपने तर्क देकर वहां जीत हासिल की और फिर उक्त कम्पनी ने उस कमेटी के निर्णय के खिलाफ माननीय पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करके उस निर्णय को चुनौती दी थी।
उधर क्षेमा कम्पनी द्वारा 2023-24 खरीफ फसल विशेषकर कपास को हुए नुकसान के मामले में 250 करोड़ रुपए बीमा क्लेम क्रोप कटिंग की बजाए सैटेलाइट टेक्निकल ईल्ड दिखाकर किसानों के कम कर दिए थे , कम्पनी के उस निर्णय के खिलाफ किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय लोहारू के सामने 11 महिने रातदिन का महापड़ाव लगाया था और उससे पहले कई जिला स्तर व लोहारू में कई महापंचायतें आयोजित की थी, किसानों के आन्दोलन के चलते राज्य सरकार को कृषि विभाग के एसीएस के नेतृत्व में में राज्य स्तरीप ग्रीवेंस निवारक कमेटी का निर्माण करना पड़ा और 11 महिने बाद उस कमेटी की कई बैठकों के बाद उसने क्षेमा जनरल इन्सोरेंस कम्पनी को उक्त 250 करोड़ रुपये बकाया बीमा क्लेम राशि के भुगतान के आदेश दिए।
किसान सभा भिवानी के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उप प्रधान कामरेड ओम प्रकाश, जिला सचिव मास्टर जगरोशन, कोषाध्यक्ष मास्टर उमराव सिंह व जिला संयुक्त सचिव डा. बलबीर सिंह ठाकन ने कहा कि यह लम्बे समय तक किए गये किसानों के सतत व अनुशासित संघर्ष की जीत है और अब उक्त कम्पनी द्वारा दोनों बकाया बीमा क्लेम भुगतान की राशि को किसानों के खातों में डालने का रास्ता साफ हो गया है ।
उन्होंने कहा कि 85 करोड़ बकाया बीमा क्लेम सरसों की राशि में भिवानी और नूंह जिले हैं। इसी तरह 250 करोड रुपये बीमा क्लेम में दादरी व भिवानी जिला पड़ता है। अब उक्त कम्पनी ने कोर्ट से अपनी रिट याचिका वापिस लेकर यह बीमा बकाया क्लेम राशि किसानों के खातों में डालनें की एक तरह से स्वीकृति दे दी है। उहोंने कहा कि यह कड़ा संघर्ष किसानों की एकता से सफलतापूर्वक लड़ा गया और इस सम्बन्ध में आने वाली चुनौतियों का भी बखूबी मुकाबला किया जाएगा और इसमें अखिल भारतीय किसान सभा का पहले की तरह मुख्य रोल होगा।
