
राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी, हरियाणा 31 जनवरी। गांव भैणी ठाकरान निवासी राकेश के घर में बेटी पैदा होने पर गांव के लोगों को भोजन करवाया गया और डीजे ढोल-नगाड़ों के साथ नाच-गाकर कुआं पूजन करवाया गया। राकेश ने कहा कि उसे बहुत खुशी है कि सबसे पहले उनके यहां बेटी ने जन्म लिया है। आज लडक़ा लडक़ी में कोई फर्क नहीं है। फर्क केवल सोच का है। आज किसी भी क्षेत्र में लड़कियां लडक़ों से पीछे नहीं हैं। वह लडक़ी की परवरिश लडक़ों से बेहतर करेंगे। लडक़ी माता-पिता की सेवा लडक़ों से बेहतर करती हैं।
रिनू ने बताया बेटी पैदा होने पर गांव के लोगों को भोज करवाकर, डीजे एवं ढोल-नगाड़ों के साथ कुआं पूजन करके जो खुशी मनाई है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने साबित कर दिया है कि आज लडक़ा लडक़ी में कोई अंतर नहीं है। पूरा गांव लडक़ी पैदा होने पर खुशी मनाता है। ग्रामीण दूसरे गांवों के लोगों को कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जागरूक कर रहे है। इस मौके पर स्वास्थ कार्यकर्ता ओमवीर प्रेमिला सोनू राजबाला कविता मीना मोजूद रहे।
