पंडित जसराज की जयंती पर राज्य स्तरीय महोत्सव एवं प्रतिमा अनावरण समारोह दो फरवरी को पीलीमंदोरी में : सतीश शाहपुर

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी, हरियाणा 31 जनवरी। भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान साधक, पद्म विभूषण एवं संगीत मार्तंड पंडित जसराज की जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय महोत्सव एवं उनकी प्रतिमा के अनावरण समारोह का आयोजन  2 फरवरी  प्रातः 11 बजे, शहीद जगदीश चंद्र कडवासरा खेल स्टेडियम, पुलिस लाइन, फतेहाबाद में किया जाएगा। समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। यह समारोह ऐतिहासिक और यादगार होगा।

ये बात  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के उपाध्याय सतीश शाहपुर ने बोर्ड में समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कही। उन्होंने बताया कि समारोह में मुख्यमंत्री सैनी के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली,  शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा तथा पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ-साथ अन्य गणमान्य मंत्री/राजनीतिक व्यक्ति, प्रशासनिक अधिकारी, सांस्कृतिक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियाँ एवं समाज के परतिष्ठित नागरिक भाग लेंगे। समारोह की अध्यक्षता जिला पार्षद ओ.पी. मालिया करेंगे। उन्होंने बताया कि इस समारोह के आयोजन में पंडित जसराज  की पुत्री  दुर्गा जसराज जी की अहम भूमिका है। इसके अतिरिक्त पं. सारंग देव, पं. रतन मोहन, नीराज जेटली, देव शर्मा सहित देश के जाने-माने कलाकार अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश को देश में प्रायः ‘जय जवान–जय किसान’ की भूमि के रूप में जाना जाता है। यह प्रदेश न केवल वीर सैनिकों और मेहनतकश किसानों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में भी इसका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। पंडित जसराज का जन्म हरियाणा की धरती पर होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है तथा यह समूचे भारत के लिए सम्मान की बात है कि भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंचों पर प्रतिष्ठा दिलाने वाली ऐसी महान विभूति इसी भूमि से उत्पन्न हुई। पंडित जसराज ने मेवाती घराने की परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और भारतीय शास्त्रीय संगीत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी संगीत साधना भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक गहराई और समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।

पंडित जसराज जी की सांस्कृतिक विरासत उनके परिवार के माध्यम से भी निरंतर आगे बढ़ती रही है। उनके परिवार से सुलक्षणा पंडित एवं सुलोचना पंडित जैसी प्रतिष्ठित अभिनेत्रियाँ तथा प्रसिद्ध संगीतकार जतिन–ललित जैसे कलाकारों ने भारतीय कला, संगीत और सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह परिवार भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय महोत्सव एवं प्रतिमा अनावरण समारोह का उद्देश्य पंडित जसराज की स्मृति को स्थायी स्वरूप प्रदान करना, उनकी महान संगीत साधना से नई पीढ़ी को परिचित कराना तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देना है। प्रस्तावित प्रतिमा भविष्य में सांस्कृतिक प्रेरणा का केंद्र बनेगी।

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