
नन्ही वान्या के हाथों हुआ त्रिवेणी रोपण
राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। संत शिरोमणि गुरु रविदास के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या के अवसर पर शनिवार को स्थानीय ऑफिसर कॉलोनी स्थित कंप्लेंट बूथ के समीप एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भक्ति और प्रकृति के अद्भुत संगम के बीच यहां त्रिवेणी (बरगद, नीम और पीपल) का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे खास और चर्चा का विषय रही मुख्य अतिथि। पर्यावरण संरक्षण के इस कार्य के लिए किसी बड़े पद के व्यक्ति के बजाय मात्र डेढ़ वर्ष की नन्ही गुडिय़ा वान्या सिंधु को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। नन्हे हाथों से पौधों को जीवन देने की इस पहल ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया।
त्रिवेणी रोपण कार्यक्रम का आयोजन त्रिवेणी बाबा के सान्निध्य व पर्यावरण प्रहरी हवलदार लोकराम लोकराम नेहरा के मार्गदर्शन में हुआ। अक्सर देखा जाता है कि पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल नहीं होती, लेकिन यहां स्थिति अलग रही। कमलजीत व अन्य कर्मचारियों ने ना केवल त्रिवेणी का रोपण किया, बल्कि इस त्रिवेणी के पूरी तरह से पेड़ बनने तक इसके पालन-पोषण और सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंची सहायक उप निरीक्षक कांता रानी ने बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बताया। इस मौके पर त्रिवेणी बाबा ने कहा कि प्रकृति और गुरुओं की शिक्षाएं हमें जीवन जीना सिखाती हैं। यदि हम आज इन छोटे बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेंगे, तभी भविष्य सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि वान्या सिंधु जैसी नन्ही बच्चियों का इस अभियान से जुडऩा आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को प्रकृति के साथ जोडक़र हम भविष्य को प्रदूषण मुक्त बना सकते है। इस अवसर पर ज्योति, कमलेश, बलराम और जसवंत सहित कॉलोनी के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
