राजेश बिष्ट
प्राकृतिक खेती योजना के तहत रासायनिक-मुक्त कृषि व किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान
भिवानी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती योजना के अंतर्गत रासायनिक-मुक्त कृषि को प्रोत्साहित करने एवं किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से भिवानी के सभी गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य खेती की लागत को कम करना, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

कृषि उपनिदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट ने बताया कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों की आवश्यकता नहीं होती। किसान गाय के गोबर एवं गौमूत्र से तैयार जैविक खाद का उपयोग कर शून्य लागत खेती की ओर अग्रसर हो सकते हैं। विभाग द्वारा किसानों को खाद तैयार करने हेतु ड्रम खरीदने के लिए तीन हजार रूपए तथा गाय खरीद पर 30 हजार रूपए प्रति किसान अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। जिला भिवानी में अब तक 11 किसानों को गाय खरीद पर अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें जीवामृत, घनजीवामृत एवं बीजामृत बनाने की विधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्राकृतिक खेती अपनाने के इच्छुक किसानों को विभाग द्वारा हमेटी, जींद तथा गुरुकुल, कुरुक्षेत्र के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है।कृषि उपनिदेशक ने किसानों से अपील की है कि प्राकृतिक खेती से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए वे अपने नजदीकी कृषि विकास अधिकारी, खंड कृषि अधिकारी अथवा उपमंडल कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। इसके अतिरिक्त किसान विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन/नेचुरलफार्मिंग पर पंजीकरण कर प्राकृतिक खेती योजना का लाभ उठा सकते हैं।

