
राजेश बिष्ट
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में महाविद्यालय के कुल 45 संकाय सदस्यों की रही सहभागिता

भिवानी। स्थानीय महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला मेधा के सहयोग से एवं उच्च शिक्षा विभाग के साथ सहभागिता में महाविद्यालय परिसर में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के संयोजक डा. अजीत कुमार ने बताया कि इस एफडीपी का मुख्य उद्देश्य अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति तथा तकनीक के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से कक्षा शिक्षण को अधिक व्यावहारिक, सहभागी एवं परिणामोन्मुख बनाना है।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्राचार्य जगबीर सिंह रहे, जिन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा शिक्षक की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है।

कार्यशाला का संचालन डा. शब्दा बेदी, प्रीति थापा एवं सजल मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें 21वीं सदी के कौशल विकास, अनुभवात्मक शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण तथा कक्षा में व्यावहारिक गतिविधियों के समावेशन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला के सह-संयोजक डा. सुरेंद्र कुमार, डा. मदन सिंह एवं आयोजन समिति सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। इस एफडीपी में महाविद्यालय के कुल 45 संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।

