राजेश बिष्ट

भिवानी। प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया के निर्देशानुसार एडीआर सेंटर के सभागार में सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार की अध्यक्षता में 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निपटारे को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
सीजेएम पवन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों की सूची तैयार कर उन्हें लोक अदालत में लाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का सरल, त्वरित एवं कम खर्च में निपटारा करना है। इससे आम नागरिकों को जटिल न्यायिक प्रक्रियाओं से राहत मिलती है और आपसी सहमति से विवादों का समाधान संभव हो पाता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत विवादों के समाधान का एक प्रभावी और सौहार्दपूर्ण मंच है, जहां दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि न्याय प्रक्रिया पर जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में लोक अदालतों के माध्यम से जिले में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा हुआ है, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आई है। विशेष रूप से छोटे एवं आपसी विवादों के समाधान में लोक अदालतें अत्यंत कारगर सिद्ध हुई हैं। सीजेएम ने निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि लोक अदालत के दिन किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या न आए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और अधिवक्ताओं को समय रहते तैयारी पूरी करने तथा आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
