राजेश बिष्ट

जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज, शामा की छात्राओं ने बनाया आकर्षक मकान मॉडल, प्रतिभा की हो रही सराहना
उत्तराखंड।
कहते हैं कि हुनर किसी पहचान का मोहताज नहीं होता और बुलंद इरादों के सामने संसाधनों की कमी भी मायने नहीं रखती। इस कथन को सच साबित किया है जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज, शामा की छात्राओं ने, जिन्होंने अपनी कल्पनाशीलता और तकनीकी समझ का अद्भुत परिचय देते हुए एक शानदार मकान का मॉडल तैयार किया है।हाल ही में छात्राओं द्वारा बनाया गया यह मॉडल सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय की यूनिफॉर्म में सजी छात्राओं ने जिस आत्मविश्वास और सृजनात्मकता के साथ इस मॉडल को प्रस्तुत किया, उसने हर किसी को प्रभावित किया है।

सीमित संसाधनों में तैयार किए गए इस मॉडल ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा को केवल अवसर की आवश्यकता होती है।छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मकान मॉडल में खिड़कियों, दरवाजों, बालकनी और छत की संरचना को अत्यंत बारीकी से दर्शाया गया है। दीवारों की बनावट, रंग-संयोजन और आसपास के परिवेश को भी वास्तविकता के करीब प्रस्तुत किया गया है। पहाड़ी वातावरण और प्राकृतिक हरियाली की पृष्ठभूमि में जब इस मॉडल को प्रदर्शित किया गया, तो यह किसी वास्तविक घर का लघु रूप प्रतीत हो रहा था। मॉडल को तैयार करने में छात्राओं ने न केवल रचनात्मक सोच का परिचय दिया, बल्कि वास्तुकला और संरचनात्मक समझ का भी प्रदर्शन किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्होंने माप, संतुलन और डिजाइन की सूक्ष्मताओं को ध्यान में रखते हुए इसे आकार दिया।

यह प्रयास दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी तकनीकी और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में गहरी रुचि और समझ रखती हैं।विद्यालय प्रशासन ने छात्राओं की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे प्रोजेक्ट बच्चों में टीमवर्क, समस्या-समाधान की क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। स्थानीय लोगों और शिक्षा जगत से जुड़े व्यक्तियों ने भी छात्राओं की मेहनत और लगन की जमकर सराहना की है।

उनका कहना है कि यदि इन प्रतिभाशाली बेटियों को उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे भविष्य में वास्तुकार, सिविल इंजीनियर या डिजाइन विशेषज्ञ बनकर देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।यह मॉडल केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के सपनों और संभावनाओं का प्रतीक बन गया है। छात्राओं के चेहरों पर झलकता गर्व और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि वे भविष्य में बड़े लक्ष्य हासिल करने का जज़्बा रखती हैं।विद्यालय परिवार ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि वे इसी तरह मेहनत और लगन से नई ऊंचाइयों को छूती रहेंगी।यह पहल साबित करती है कि अवसर मिले तो गांव की बेटियां भी नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
