शहीद भगत सिंह युवा क्लब द्वारा कैंसर पीड़ितों के लिए रक्तदान शिविर आयोजित, 101 ने किया रक्तदान

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

विज्ञान आज भी प्रयोगशाला में रक्त का विकल्प नहीं कर पाया तैयार, इसीलिए रक्तदान जरूरी : डुडेजा

भिवानी। मानवता की सेवा और देशभक्ति के जज्बे को एक साथ पिरोते हुए जिला के गांव कुंगड़ पीड़ित गउशाला उपचार केंद्र में सहारा चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शहीद भगत सिंह युवा क्लब द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पुलवामा के वीर शहीदों की स्मृति को समर्पित है। यह रक्तदान शिविर डॉ हिमांशी तंवर एम्स बाड़सा की अगुवाई मे किया गया!शिविर का मुख्य उद्देश्य एकत्रित रक्त के माध्यम से कैंसर रोगियों के जीवन को बचाना है।

शिविर के आयोजक सुरेंद्र कुंगड़ व डा. कुलवंत कुंगड़ रहे।रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा थे. मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर नवीन सरपंच तथा रोहित सरपंच छोटा पाना व फौजी भाईचारा ग्रुप से मंदीप बड़सी, सचिन मेहम रहे। वही शिविर का आयोजन शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा की देखरेख में किया गया। इस दौरान 101 युवाओं ने रक्तदान किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा बैज लगाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने कहा कि रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि विज्ञान आज भी प्रयोगशाला में रक्त का विकल्प तैयार नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जान बचा सकता है। विशेष रूप से कैंसर जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए समय पर रक्त और प्लेटलेट्स की उपलब्धता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित होती है। आयोजक सुरेंद्र कुंगड़ व डा. कुलवंत कुंगड़ ने कहा कि इस शिविर के माध्यम से युवा ना केवल शहीदों को नमन कर रहे हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। वही सरपंच नवीन व रोहित न कहा कि आपका रक्त किसी के लिए नया जीवन और किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वे समय-समय पर रक्तदान करते रहे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मुहैया करवाकर उनका जीवन बचाया जा सकें।

शिविर के आयोजन में रोहताश सैक्ट्री, संजय परमार गोसेवक नरेंद्र गोयत, सोनू सोनी, मंगत राम, दीपक सिहाग, मा. प्रवीण शर्मा, मनदीप गोयत, सोमवीर वर्मा, डा. मनीष गोयत, प्रदीप सिहाग, सोनू माहला, डा. विकास जांगड़ा, कुलदीप सिंह, सुभाष वर्मा, शोकी गोयत, सोमबीर का भी विशेष योगदान रहा।

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