निगाणा कलां की बेटी खुशी ने खेल जगत में गाड़ा झंडा
भिवानी। 13 से 15 फरवरी तक लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के खेल परिसर में आयोजित 22वीं कॉर्पबॉल फेडरेशन कप में गांव निगाणा कलां की बेटी खुशी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ना केवल अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब भी अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में खुशी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। खुशी, जो 10 गार्ड्स यूनिट का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, ने अपनी फुर्ती और सटीक गोल दागने की क्षमता से दर्शकों और चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया। खुशी की इस उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव निगाणा कलां में जश्न का माहौल है। जैसे ही उनकी जीत और बेस्ट प्लेयर चुने जाने की खबर पहुंची, ग्रामीणों ने उनके दादा और पिता को बधाई देना शुरू कर दिया।

इस मौके पर विजेता खिलाड़ी खुशी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय दादा केदार सिंह सांगवान, पिता हवलदार रामोतार व कोच राजप्रीत सिंह औलक को देते हुए कहा कि कहा कि यह जीत मेरे कड़े अभ्यास और मेरे परिवार व कोच के अटूट विश्वास का परिणाम है। 10 गार्ड्स यूनिट और मेरे कोचों ने मुझे जो मंच दिया, उसके लिए वे आभारी है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीतना है। एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली खुशी ने साबित कर दिया कि अनुशासन और मेहनत रगों में दौड़ती है। खुशी के दादा केदार सिंह सांगवान व पिता हवलदार रामोतार ने कहा कि परिजनों के लिए इससे बड़ा गर्व क्या होगा कि उसकी बेटी खेल के मैदान में सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रही है। उसने अपनी मेहनत से आज निगाणा कलां का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी लाडली ने आज जो मुकाम हासिल किया है, वह गांव की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगा। हम चाहते हैं कि वह इसी तरह आगे बढ़े और देश का गौरव बढ़ाए। टूर्नामेंट का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जहाँ खुशी को उनकी उत्कृष्ट खेल भावना के लिए सम्मानित किया गया।
