पीडि़त निवेशकों ने सरकार को 30 अप्रैल तक का अल्टीमेटम, नहीं तो होगा संसद का घेरा

Rajesh Bisht / Naye Bharata ka Uday

अपनी जमापूंजी वापस ना मिलने के गम में लाखों नागरिक और सैनिक आत्महत्या को हुए मजबूर : राष्ट्रीय अध्यक्ष दयानंद


भिवानी। पीएसीएल सहित अन्य चीटफंड कंपनियों के पीडि़त निवेशकों ने चिटफंड कंपनियों व सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। तपजप संगठन के बैनर तले एकजुट हुए इन निवेशकों ने स्थानीय चौ1 सुरेंद्र सिंह पार्क के बाहर सरकार विरोधी नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 30 अप्रैल तक उनकी जमापूंजी वापस नहीं मिली, तो 1 मई को देश भर के पीडि़त दिल्ली में संसद का घेराव करेंगे।


पीडि़त निवेशकों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि प्रत्येक जिले के डीसी या एसपी कार्यालय के अधीन विशेष बड्स एक्ट भुगतान काउंटर खोले जाएं ताकि दावे आसानी से जमा हों। थानों में लंबित आवेदनों को तुरंत प्रत्येक जिले में नियुक्त डेजिग्नेटेड कोर्ट्स में भेजा जाए। कानून की धारा 15(6) का पालन करते हुए संपत्ति कुर्क कर 180 दिनों के भीतर मूल राशि लौटाई जाए। ठगी करने वाली कंपनियों पर धारा 21(3) के तहत कठोर जुर्माना लगे और निवेशकों को 2 से 3 गुना तक भुगतान सुनिश्चित हो। भविष्य में ऐसी ठगी रोकने के लिए पूरे प्रदेश में कानून को सख्ती से लागू किया जाए।


     तपजप संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष दयानंद ने कहा कि उन्होंने बच्चों की शादी और बुढ़ापे के लिए पाई-पाई जोडक़र इन कंपनियों में निवेश किया था। लेकिन अब वे अपने ही खून-पसीने की मेहनत की कमाई को वापिस लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि अपनी जमापूंजी वापस न मिलने के गम में देश के लाखों नागरिक और सैनिक अब तक आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतों द्वारा संपत्तियां कुर्क करने के आदेश के बावजूद सरकार भुगतान प्रक्रिया में ढिलाई बरत रही है। इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामजस ने कहा कि  सरकार ने बड्स एक्ट-2019 तो लागू कर दिया, जिसके तहत 180 दिनों में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जिला स्तर पर कार्यालय खुलने के बावजूद निवेशकों को उनकी राशि नहीं मिल रही है। यह सरकार का जनता के साथ एक भद्दा मजाक है।

संगठन के जिला उपप्रधान रमेश तंवर ने बताया कि जिले में पीएसीएल, आदर्श कॉपरेटिव सोसायटी, सहारा इंडिया और किमफ्यूचर विजन जैसी फर्जी कंपनियों ने आम जनता को ठगा है। अकेले भिवानी जिले में यह घोटाला 500 करोड़ रुपये से अधिक का है, जबकि पूरे देश में लगभग 50 करोड़ लोग इसके शिकार हैं। तपजप संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब लड़ाई आर-पार की होगी। यदि सरकार 30 अप्रैल तक भुगतान की ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो एक मई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। निवेशकों ने मांग की है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए और जांच-पड़ताल के बिना कंपनियों को लाइसेंस देना बंद करे। इस अवसर पर संगठन के अन्य पदाधिकारी, सदस्य व पीडि़त निवेशक मौजूद रहे।  

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