राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
कारागार को सजा की बजाय गलती को सुधारने की जगह माने : महंत हरि कृष्ण महाराज

भिवानी। प्रत्येक इंसान ईश्वर की अनुपम कृति है। जीवन बहुत उपयोगी होता है। इंसान का जीवन उसकी सोच और उसके विचारों पर ही निर्भर होता है। हमारी सोच ही हमारा रास्ता बनाती है। हमें सही और गलत की पहचान होनी चाहिए। ऐसे में हमारी अच्छी सोच और विचार सही होने चाहिए। एक गलत सोच और एक गलत निर्णय से ही हम सही रास्ते से भटक जाते हैं। जेल को सजा काटने की जगह न मानकर इसे भूल को सुधारने वाली जगह माननी चाहिए। ये विचार वृंदावन धाम से महंत हरिकृष्ण महाराज ने जिला कारागार में बंदियों के लिए आयोजित सत्संग के दौरान अपने प्रवचन में प्रकट किए।
उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सार्वभौमिक मंगलकामना के श्लोक से की— सर्वे भवंतु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया: व सर्वे भद्राणि पश्यंतु, मा कश्चिद्दु:खभाग्भवेत्। उन्होंने कहा कि सबका हित, मंगल और कल्याण ही हमारी सनातन संस्कृति की पहचान है। यह हमारी संस्कृति है, यह हमारा संस्कार है। यह हमारे खानदान की परंपराओं की सच्ची आवाज, रिवाज और गाथा है। इसे कभी नहीं भूलना चाहिए।उन्होंने भारतीय संस्कृति, संस्कार और मानवीय मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायी प्रवचन दिया। उन्होंने बंदियों को आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और जीवन में सुधार की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि परिस्थिति चाहे कैसी भी हों, मनुष्य अपने विचारों और कर्मों से नया जीवन आरंभ कर सकता है। ईश्वर की भक्ति, सत्य का मार्ग और सदाचार ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।उन्होंने कहा कि इंसान से छोटी और बड़ी भूल होना भी स्वाभाविक है। लेकिन हमें उस भूल को अपनी आदत नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि उससे सबक लेकर उसमें सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का एक सदस्य गलत संगत या गलत रस्ते पर चल पड़ता है तो उसका पूरे परिवार पर प्रभाव पड़ता है। बच्चों की परवरिश भी सही नहीं हो पाती। उन्होंने आध्यात्मिक आयोजनों को बंदियों के नैतिक और मानसिक उत्थान के लिए उपयोगी बताया। महंत हरी कृष्ण ने सभी के सुख, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान जेल अधीक्षक देवी दयाल ने महंत का आभार प्रकट किया और कहा कि आध्यात्मिक कार्यक्रम ने जिला कारागार के वातावरण को भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत किया है। इस मौके पर कारागार उप अधीक्षक नरेश बूरा व राय साहब सहित कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
