भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में रामलीला मैदान में रैली आयोजित करेगी

Rajesh Bisht/ Naye Bharat Ka Uday

रैली की तैयारियों में हरियाणा भर में दो जत्थे चलाए जाएंगे जिनमें पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी हिस्सा लेगा। हरियाणा से हजारों लोग रैली में हिस्सा लेंगे।
भिवानी। उक्त फैसला भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की हरियाणा राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक में लिया गया।  यह दो दिवसीय बैठक  रोहतक में स्थानीय जसबीर स्मारक में हुई। बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड इंद्रजीत सिंह ने की तथा संचालन राज्य सचिव कॉमरेड प्रेमचंद ने किया। बैठक में पार्टी के पोलिट ब्यूरो सदस्य एवं सांसद कॉमरेड अमरा राम ने शिरकत की। माकपा जिला कमेटी सचिव व पार्टी के राज्य सचिव मण्डल सदस्य कामरेड ओम प्रकाश ने बताया कि 24 मार्च 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में देशभर से मजदूरों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी होगी।  

इस अवसर पर सीकर  से लोक सभा सांसद कॉमरेड अमरा राम ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण रोजगार, खेती, सार्वजनिक सेवाओं और श्रमिक अधिकारों पर गंभीर हमला हो रहा है। गरीब परिवारों की 100 दिन रोजगार गारंटी को खत्म कर वीबी ग्राम जी कानून लाया गया है। इससे गरीबों के जीवन यापन की स्थितियां विकट होंगी और ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ेगी। पढ़े-लिखे नौजवान लड़के-लडकियों के साथ भी रोज़गार के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। एचपीएससी के तहत भर्तियों में 35 प्रतिशत अंक की शर्त लगाकर युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और सार्वजनिक शिक्षा को भी बर्बाद किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को भी निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। बीज विधेयक खेती को बर्बाद करने वाला है तथा बीज पर किसानों के परम्परागत अधिकार को खत्म करेगा। बिजली संशोधन विधेयक बिजली के वितरण को निजी कम्पनियों के हवाले करने के साथ-साथ उसे महंगा करेगा और किसानों की सब्सिडी समाप्त करेगा।। श्रमिक-विरोधी लेबर कोड्स मजदूरों को गुलाम बनाने के ऐसे दस्तावेज हैं जो मजदूरों के कानूनी अधिकार खत्म करके कारखानों के मालिकों को शोषण की खुली छूट प्रदान करते हैं।। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के भी देशहित पर व्यापक कुप्रभाव पड़ेंगे क्योंकि मोदी सरकार ने अमरीका के कृषि समेत अनेकों उत्पादों को भारत में बिना टैरिफ आयात की इजाजत दे दी है तथा भारत के निर्यात पर 18 प्रतिशत टैरिफ स्वीकार किया है।ऐसी स्थिति में व्यापक जन एकजुटता ही इन नीतियों को बदलने का रास्ता खोल सकती है। इसी उद्देश्य से आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए 24 मार्च को दिल्ली में विशाल रैली आयोजित की जाएगी।

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