भक्तों ने पुष्प वर्षा कर पदयात्रियों का किया स्वागत : भक्ति भाव में डूबी छोटी काशी

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी से रवाना हुई श्याम भक्तों की पदयात्रा, जयकारों से गूंजा शहर

भिवानी। फाल्गुन माह की पावन बेला में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब श्री श्याम भक्त पदयात्रियों का जत्था बाबा श्याम के दरबार खाटू धाम के लिए रवाना हुआ। शहर के दिनोद गेट क्षेत्र में स्थित पुलिस चौकी के समीप अमित खोवा भंडार के पास श्याम भक्तों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा, माल्यार्पण और जयकारों के साथ पदयात्रियों को विदाई दी। पूरा वातावरण “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” और “जय श्री श्याम” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। फाल्गुन मास को बाबा श्याम की विशेष कृपा का महीना माना जाता है। इसी कारण हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भिवानी सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु श्याम ध्वजा लेकर पैदल खाटू धाम के लिए रवाना हुए।

श्री श्याम प्रीत मंडल ट्रस्ट भिवानी के महासचिव अश्वनी कुमार शर्मा ने बताया कि यह पदयात्रा वर्षों से निरंतर जारी है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि बाबा श्याम में भक्तों की अटूट आस्था है और भक्त अपने जीवन की खुशहाली, परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना लेकर यह कठिन पदयात्रा करते हैं। श्री श्याम खाटू मंडल के पदयात्रियों की अगुवाई भक्त मांगे राम शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।

पदयात्रियों ने अपने साथ बाबा श्याम की अखंड ज्योति लेकर यात्रा प्रारंभ की। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच भक्त नाचते-गाते आगे बढ़े। श्रद्धालु श्याम नाम के रंग में रंगे नजर आए और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्याम ध्वजा की विधिवत पूजा-अर्चना की, आरती उतारी और प्रसाद वितरित किया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पुष्प वर्षा कर पदयात्रियों का उत्साहवर्धन किया। भक्तों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली भी खेली और बाबा श्याम के भजनों पर झूमते रहे।

श्रद्धालुओं ने बताया कि यह सभी पदयात्री लगभग 15 दिनों की कठिन पदयात्रा कर खाटू धाम पहुंचेंगे। यात्रा का अंतिम चरण राजस्थान के रींगस से शुरू होकर करीब 17 किलोमीटर की दूरी तय कर खाटू धाम तक पहुंचेगा। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की बारस के दिन श्रद्धालु बाबा श्याम को ध्वजा अर्पित करेंगे और समस्त संसार की सुख-शांति व कल्याण की प्रार्थना करेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से की गई यह पदयात्रा जीवन के कष्टों को दूर करती है और बाबा श्याम भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु नंगे पांव, ध्वजा और अखंड ज्योति लेकर बाबा के दरबार तक पहुंचते हैं। श्याम भक्तों की विदाई के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।भक्तों ने पुष्प वर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया और उनकी सुखद यात्रा की कामना की।

इस दौरान शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया और भिवानी मानो खाटू धाम में परिवर्तित हो गया।इस अवसर पर श्याम भक्त अशोक पंसारी, पिनु, कांशी, अजय गौतम, पुरुषोत्तम शर्मा, आशिष, सोनू मित्तल, गौरव भाटी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने बाबा श्याम के जयकारे लगाकर पदयात्रियों का उत्साह बढ़ाया। श्याम भक्तों की यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।

यह यात्रा समाज में भाईचारे, एकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देती है। श्रद्धालु कठिनाइयों को पार करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचते हैं और अपने जीवन को धन्य मानते हैं।फाल्गुन माह में शुरू हुई यह पदयात्रा आने वाले दिनों में अपने चरम पर पहुंचेगी और खाटू धाम में लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

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