राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, आत्मसम्मान की ओर बढ़ता भारत : रीतिक वधवा
भिवानी। भिवानी बीते वर्षों में देश ने कई स्थानों, संस्थानों और कानूनों के नामों को भारतीय पहचान और महान विभूतियों से जोड़ा है। यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि इतिहास को सही दृष्टि से देखने, अपने नायकों का सम्मान करने और स्वतंत्र भारत की आत्मा को स्थापित करने का प्रयास है। उक्त शब्द भाजपा के पूर्व प्रदेश सह मीडिया प्रमुख रीतिक वधवा ने आज यहां कहें। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में जनसेवा को सर्वोच्च स्थान देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महती भूमिका रही है। मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ के साथ-साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का लोकार्पण कर सेवा, कर्तव्य और समर्पण के भाव को नई पहचान दी है।

उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों से मोदी जी गुलामी की मानसिकता को बदलने के अभियान में जुटे हैं और यह ‘सेवा तीर्थ’ उनके संकल्प का प्रभावी प्रतीक है। यह ‘सेवा तीर्थ’ लोक कल्याण के अटूट संकल्प का प्रतीक है। हर नागरिक तक विकास और जनकल्याण की पहुँच सुनिश्चित करते हुए, ये भवन विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक निर्णायक मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर किसान मोर्चा पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक तिगड़ी, अजीत तिगड़ी, भूपेंद्र तिगड़ी, एडवोकेट संदीप यादव, बाबूलाल स्वामी, रामकिशन यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अशोक दूल्हेडी, डॉ हरीश गोस्वामी, राजीव शर्मा, सुनील यादव, सुषमा शर्मा, एडवोकेट राकेश वत्स, दलवीर, सुरेंद्र, कृष्ण यादव, पंकज कुमार, मनीष कुमार, नवीन कुमार, हेमंत, ढिल्लू देवसर, डॉ. योगेश, पंकज तिलक, राजेश गाबा, अरविंद, राजन, दीपक कुमार, शिवदत्त चांदना, नरेंद्र कुमार, सनी, अमित कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

