राजेश बिष्ट/नए भारत का उदय

भिवानी। श्रीश्री 1008 बाबा मेहूंनाथ महाराज व बाबा बनवारी नाथ महाराज की पावन पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सिद्धस्थल जोगीवाला शिव मंदिर धाम में आयोजित संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण शिवमय हो गया।कथा का आयोजन महंत वेदनाथ महाराज के विशेष सानिध्य में किया जा रहा है।

कथा गुरु स्थान सिद्धपीठ हिंगवा (राजस्थान) से पधारे बाल संत कथा व्यास आचार्य योगी महेंद्र नाथ ने भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भजन-कीर्तन और शिव स्तुति के साथ कथा का वातावरण अत्यंत भावपूर्ण बना रहा।

महंत वेदनाथ महाराज एवं आचार्य योगी महेंद्र नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म की रक्षा के लिए देवताओं ने समय-समय पर अवतार लेकर अधर्म का नाश किया है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी और काल भैरव दोनों ही धर्म के रक्षक माने जाते हैं। हनुमान जी शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं, वहीं काल भैरव अन्याय और अधर्म के विनाशक रूप में पूजे जाते हैं।

उन्होंने कहा कि शिव महापुराण हमें सत्य, संयम, सेवा और सदाचार का संदेश देता है। धार्मिक कथाओं के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

