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विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर एडीआर सेंटर में किया कार्यशाला का आयोजन
भिवानी। हरियाणा राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा चेयरमैन डीएलएसए डीआर चालिया के निर्देशानुसार तथा सीजेएम एवं सचिव डीएलएसए पवन कुमार की अध्यक्षता में एडीआर सेंटर के सभागार में विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को सामाजिक न्याय से संबंधित उनके अधिकारों, विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा नि:शुल्क कानूनी सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समानता और न्याय का अधिकार प्राप्त है तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय का मूल उद्देश्य समाज में समान अवसर सुनिश्चित करना, मानवाधिकारों की रक्षा करना तथा वंचित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इस प्रकार की कार्यशालाएं आमजन को न्याय व्यवस्था से जोडऩे तथा उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल की डिप्टी चीफ अधिवक्ता बबली व बाल विवाह निषेध अधिकारी हरबंश कौर ने आशा (अवेयरनेस, सपोर्ट, हेल्प एंड एक्शन) योजना तथा बाल विवाह से संबंधित स्कीम 2025 के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे रोकने के लिए सरकार द्वारा सख्त कानूनी प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, अधिकार मित्रों तथा डीएलएसए स्टाफ ने भाग लिया और सामाजिक न्याय से संबंधित योजनाओं एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त की।
